रतलाम। शुक्रवार सुबह से रतलाम शहर के अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप पर डी मार्ट में आतंकी पकड़े जाने की खबर और फोटोग्राफ्स कुछ लोगों द्वारा वायरल किए जा रहे है। इससे शहर में लोगों के बीच भ्रांति फेली। यह खबर पूरी तरह झूठी है। रतलाम शहर में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दरअसल जो फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए है वे महाराष्ट्र के सतारा में निजी सुरक्षा एजेंसी की मॉकड्रील के है।
सुबह से ही सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा रतलाम शहर के डी मार्ट में आतंकी पकड़े जाने की झूठी सूचना और फोटो पोस्ट किए। लोगों ने इसे सच मानकर फारवर्ड करना शुरू कर दिया। यह जानकारी और फोटोग्राफ्स फर्जी है, इसे वायरल करने से बचे। एक बड़े पुलिस अधिकारी ने खुद एक ग्रुप पर इस मामले में स्पष्ट जानकारी दी। दरअसल जो फोटो रतलाम डी मार्ट बाजार के बताए जा रहे है वे महाराष्ट्र के सतारा के है और वे भी दंगारोधी मॉकड्रील के है। दरअसल, पुलिस या निजी सुरक्षा एजेंसिया बड़े संस्थानों में दंगा या लूट होने पर स्थिति को काबू करने की प्रेक्टिस करते है, ये उसी के फोटोग्राफ्स है।
