भोपाल। प्रदेश के कर्मचारियों को दीपावली के पहले वेतन देने के कमलनाथ सरकार के फैसले पर अमल शुरू हो गया। शुक्रवार देर शाम तीन लाख कर्मचारियों के खाते में वेतन आ गया। वित्त विभाग का दावा है कि देर रात तक कोषालय से एक लाख कर्मचारियों का वेतन बनने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उधर, मंत्रालय के कर्मचारियों का कहना है कि उनके खाते में देर शाम तक वेतन नहीं आया।
दीपावली को देखते हुए सरकार ने अक्टूबर का वेतन 24 और 25 तारीख को देने का फैसला किया था। इसके लिए विभागों को वेतन बिल कोषालय में लगाने थे। जिन विभागों ने कर्मचारियों के वेतन बिल कोषालाय में लगा दिए, उनका वेतन बनाने की प्रक्रिया तेजी के साथ पूरी की जा रही है।
वित्त विभाग के अधिकारी जेके शर्मा का कहना है कि कोषालय के स्तर पर कहीं कोई परेशानी नहीं है। तीन लाख से ज्यादा कर्मचारियों को वेतन भुगतान शाम तक कर दिया गया तो एक लाख से ज्यादा कर्मचारियों के बिल प्रक्रिया में थे। देर रात तक इनके खातों में भी वेतन जमा हो जाएगा। विभागों के अधिकारियों की ओर से जैसे-जैसे बिल कोषालय पहुंचेंगे, वैसे-वैसे भुगतान होता जाएगा।
पांच फीसदी डीए बढ़ाने पर जल्द होगा फैसला
उधर, कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 12 से बढ़ाकर 17 फीसदी करने के मामले में भी सरकार जल्द फैसला लेगी। बढ़ा हुआ डीए जुलाई 2019 से ही मिलेगा। सूत्रों का कहना है कि अतिवर्षा और बाढ़ के कारण प्रदेश के ऊपर साढ़े सात हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आ गया है। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक राहत पैकेज को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया है। केंद्रीय करों से मिलने वाली राशि भी कम मिल रही है।
इसके मद्देनजर ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को देर शाम मंत्रालय में वित्तीय स्थिति की समीक्षा की थी। बताया जा रहा है कि डीए देने को लेकर दो फार्मूले पर विचार किया जा रहा है। इसमें एक नवंबर तो दूसरा विचार दिसंबर से नकद महंगाई भत्ता के भुगतान करने का है।
यह तय है कि जुलाई से जिस माह नकद डीए दिया जाएगा, उसके बीच के डीए भविष्य निधि खाते में जमा कराया दिया जाएगा। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पांच प्रतिशत डीए बढ़ाने पर करीब 12 सौ करोड़ रुपए का सालाना वित्तीय भार सरकार के खजाने पर आएगा।
धनतेरस पर तीन लाख कर्मचारियों को मिला वेतन, देर रात अधिकांश के खातों में होगा जमा
