श्री नगर। श्री नगर में पत्थरबाजों के हमले के दौरान ढाल बनाने के लिए भारतीय सेना के मेजर ने जिस युवक को जीप पर बांधा था, वह जल्द ही लखपति बन जाएगा। जम्मू कश्मीर मानव अधिकार आयोग ने फारूख अहमद डार नामक इस युवक को पीड़ित माना है और जम्मू कश्मीर की सरकार को उसे 10 लाख रूपए मुआवजा देने को कहा है। हालांकि सेना शुरूआत से ही इस युवक को पत्थरबाज मानती रही है और उसे जीप पर बांधने वाले मेजर लितुल गोगोई का खुद सेना प्रमुख बिपिन रावत भी सम्मान कर चुके है।
मेजर लितुल गोगोई ने घटना के बाद सेना को जो बयान दर्ज कराए थे, उनके अनुसार यदि वे पत्थरबाज फारूख अहमद डार को जीप के आगे नहीं बांधते तो कई नागरिकों की जान को खतरा हो सकता था। हिंसा टालने के लिए यह कदम उठाया गया था। जम्मू कश्मीर में भाजपा के साथ सरकार में साझा पीडीपी सेना के मेजर के इस कदम का शुरूआत से ही विरोध करती रही है, जबकि भाजपा नेताओं का मानना है कि सेना के मेजर ने जो कदम उठाया था वह तब तक की परिस्थितियों को देखते हुए सही था।
