• Sat. Aug 1st, 2026

कम कीमत का लाभ नहीं दिया तो व्यापारी के लिए जुर्माना और जेल

BySurendra Jain

Jul 8, 2017

नई दिल्ली। यदि आप दुकानदार है और जीएसटी लागू होने के बाद घटी हुई कीमतों का फायदा ग्राहकों को नहीं पहुंचा रहे है तो यह आपके लिए मुसीबत का कारण बन सकता है। जीएसटी के नाम पर बेवकूफ बनाने पर कंपनियों और दुकानदारों पर एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है या फिर जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान के अनुसार सरकार ने पुराना माल बेचने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सभी सामान पर बड़ी हुई या फिर घटी हुई कीमतें नए स्टीकर के साथ लगाई जाएं ताकि ग्राहकों को साफ-साफ ही पता चल सके कि किसी चीज की कीमत जीएसटी के बाद कितनी बढ़ी या घटी है। पासवान ने कहा कि अगर किसी चीज की MRP जीएसटी लागू होने के बाद बढ़ी है तो फिर इसके लिए कम से कम दो अखबारों में विज्ञापन छापना होगा और साथ ही नया स्पीकर लगा कर इसे बेचना होगा। ग्राहकों के साथ कोई धोखाधड़ी नहीं हो इसीलिए सरकार सख्ती से इस कानून को लागू करेगी।

यदि कोई इस नियम का पालन नहीं करता है तो पहली बार उसे 25000 रुपए का जुर्माना दूसरी बार 50000 रुपए का जुर्माना और तीसरी बार एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है, इसके साथ ही 1 साल की जेल भी हो सकती है। जीएसटी के बारे में लोगों की शिकायतों के लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने खास तौर पर हेल्पलाइन शुरू की है जिसका नंबर 14404 है। पासवान ने बताया कि हेल्पलाइन शुरू होने के बाद अभी तक 700 से ज्यादा लोगों ने इस पर पूछताछ की है। जीएसटी के बारे में लोगों को पूरी जानकारी देने के लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से भी मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के शुरुआती कुछ दिनों में थोड़ी बहुत मुश्किल हो सकती है लेकिन इसके बारे में किसी भी भ्रम को दूर करने के लिए और ग्राहकों के हितों की रक्षा करने के लिए उनका मंत्रालय तत्पर है। 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद तमाम चीजों की कीमतों पर फर्क पड़ा है लेकिन सरकार ने पुराना स्टॉक बेचने के लिए कंपनियों और दुकानदारों को 30 सितंबर तक का समय दिया हुआ है।

You missed

error: Content is protected !!