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वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 96 साल की उम्र में निधन, लड़े थे कई हाई प्रोफाइल केस

BySurendra Jain

Sep 8, 2019

नई दिल्ली। वरिष्ठ वकील रहे राम जेठमलानी का 96 वर्ष की आयु में रविवार को निधन हो गया। वह सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता थे। बताया जा रहा है कि वह बीते कुछ समय से बीमार चल रहे थे। देश के नामी क्रिमिनल वकीलों में शुमार रहे जेठमलानी भाजपा की ओर से राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं।
उनका जन्म 14 सितंबर 1923 को सिंध प्रांत में हुआ था। उन्होंने महज 18 साल की उम्र में ही वकालत करना शुरू कर दिया था। राम जेठमलानी ने एक बार बताया था कि उन्हें स्कूल में डबल प्रमोशन मिला था, इसके साथ ही 13 साल की उम्र में उन्होंने हाई स्कूल पास कर लिया था। महज 17 साल की उम्र में उन्हें एलएलबी की डिग्री मिल गई थी।
उस वक्त 18 साल से कम उम्र में वकालत की प्रैक्टिस करने की इजाजत नहीं थी, लिहाजा एक प्रस्ताव लाकर उन्हें प्रैक्टिस करने की अनुमति दी गई थी। उनके परिवार में एक बेटा महेश जेठमलानी है, जो प्रख्यात वकील हैं, वहीं एक बेटी अमेरिका में रह रही है। उनकी एक बेटी रानी जेठमलानी का पहले ही निधन हो चुका है।
राम जेठमलानी ने कई हाई-प्रोफाइल केस लड़े हैं, जिसमें सबसे अहम केस 1959 का केएम नानावटी वर्सेस स्टेट ऑफ महाराष्ट्र केस था। इस मामले में वह प्रॉसिक्यूटर थे। उनके अन्य हाई प्रोफाइल मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारे का साल 2011 में मद्रास हाई कोर्ट में लड़ा गया मामला भी था।
स्टॉक मार्केट घोटाले में उन्होंने हर्षद मेहता और केतन पारेख का केस भी लड़ा था। उन्होंने अफजल गुरू की फांसी की सजा का केस भी लड़ा था और जेसिका लाल हत्याकांड में मनु शर्मा की ओर से भी वह पेश हुए थे। साल 2010 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल का प्रेसिडेंट चुना गया था।
वह मुंबई से भाजपा के टिकट पर छठवीं और सातवीं लोकसभा में संसद के सदस्य चुने गए थे। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में वह केंद्रीय कानून मंत्री और शहरी विकास मंत्री भी रहे। बाद में साल 2004 में वह अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ लखनऊ से आम चुनाव में खड़े हुए थे।

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