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स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री कार्य के बहिष्कार को लेकर जिला पटवारी संघ की आपात बैठक, नोटिस जारी किए जाने के विरोध में सोमवार से चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय

BySurendra Jain

Oct 2, 2026

खबर पक्की, 2 अक्टूबर, रतलाम। स्वामित्व योजना के अंतर्गत रजिस्ट्री संबंधी कार्य में पटवारियों को निष्पादक की भूमिका दिए जाने के विरोध में पूरे प्रदेश में पटवारियों द्वारा उक्त कार्य का बहिष्कार किया जा रहा है। इसी क्रम में रतलाम जिले की विभिन्न तहसीलों में पटवारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद आज गुलाब चक्कर, रतलाम में जिला पटवारी संघ की आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की विभिन्न तहसीलों के पटवारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाध्यक्ष गोपाल रावत ने कहा कि पटवारी शासन की किसी भी योजना के विरोध में नहीं हैं। प्रदेश में पूर्व से संचालित विभिन्न योजनाओं एवं अभियानों में पटवारियों ने हमेशा शासन-प्रशासन का सहयोग करते हुए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विरोध केवल स्वामित्व योजना में पटवारी को निष्पादक की भूमिका दिए जाने को लेकर है।
पंचायती राज विभाग की योजना, राजस्व विभाग का कार्य नहीं
जिलाध्यक्ष गोपाल रावत ने कहा कि शासन द्वारा जारी स्वामित्व योजना के आदेश की प्रथम पंक्ति में ही इसे पंचायती राज विभाग की योजना बताया गया है। यह राजस्व विभाग की योजना नहीं है। इसके बावजूद पटवारी योजना के कार्य में सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें रजिस्ट्री प्रक्रिया में निष्पादक की भूमिका दिया जाना स्वीकार्य नहीं है।
मौके पर मकान, कागज पर भूखंड—जिम्मेदारी किसकी?
संघ का कहना है कि स्वामित्व सर्वे के दौरान कई स्थानों पर मौके पर पक्का मकान है, जबकि रजिस्ट्री भूखंड के नाम से कराई जा रही है। ऐसी स्थिति में भविष्य में विवाद अथवा कानूनी कार्रवाई की स्थिति उत्पन्न होने पर निष्पादक के रूप में कार्य करने वाले पटवारी, क्रेता तथा उप पंजीयक के सामने गंभीर कानूनी कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं। संघ ने इसी संभावित जिम्मेदारी को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
स्वामित्व सर्वे के रिकॉर्ड में अनेक त्रुटियां
संघ के अनुसार स्वामित्व सर्वे में कई स्थानों पर नाम, रकबा एवं स्वामित्व संबंधी त्रुटियां सामने आ रही हैं। कई मामलों में एक ही मकान को दो अलग-अलग व्यक्तियों के नाम दर्ज किए जाने की स्थिति भी सामने आई है। संघ का कहना है कि कुछ मामलों में इन रिकॉर्डों के आधार पर रजिस्ट्री ही नहीं बल्कि नामांतरण तक हो चुके हैं। ऐसी परिस्थितियों में भविष्य में विवाद उत्पन्न होने पर संबंधित मामलों में पटवारियों को न्यायालयीन प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
पटवारियों को नक्शे उपलब्ध नहीं
जिला पटवारी संघ ने यह भी कहा कि वर्तमान में पटवारियों के पास स्वामित्व योजना से संबंधित आवश्यक नक्शे न तो हार्ड कॉपी में उपलब्ध हैं और न ही सॉफ्ट कॉपी में। ऐसी स्थिति में मौके की वास्तविक स्थिति एवं अभिलेखीय स्थिति का सही मिलान कर निष्पादक के रूप में रजिस्ट्री कार्य करना व्यवहारिक कठिनाइयों से भरा हुआ है।
पटवारी 56 विभागों के कार्य में दे रहे योगदान
जिलाध्यक्ष गोपाल रावत ने कहा कि पटवारी किसी योजना से पीछे नहीं हटते। पटवारियों द्वारा पूर्व में भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं अभियानों में लगातार कार्य किया गया है और इनमें उनका योगदान आज भी जारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पटवारियों की आपत्ति स्वामित्व योजना से नहीं, बल्कि इस योजना में उन्हें निष्पादक की भूमिका दिए जाने से है।
सोमवार से चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रांतीय संगठन के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश की तरह रतलाम जिले में भी पटवारी स्वामित्व योजना में निष्पादक के रूप में रजिस्ट्री संबंधी कार्य नहीं करेंगे।
साथ ही, शासन-प्रशासन द्वारा पटवारियों को जारी किए गए नोटिस एवं दबाव के विरोध में सोमवार से चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। आंदोलन के आगामी चरण प्रांतीय संगठन के निर्देशानुसार तय किए जाएंगे। जिलाध्यक्ष गोपाल रावत ने कहा कि संघ शासन-प्रशासन के साथ सहयोग के लिए सदैव तत्पर है, लेकिन ऐसी जिम्मेदारी जिसमें रिकॉर्ड की त्रुटियों और भविष्य के विवादों का दायित्व पटवारी पर आने की आशंका हो, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

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