भोपाल। अपनी दबंग कार्यप्रणाली के कारण चर्चा में रहे एसपी गौरव राजपूत नई मुसीबत में फंस गए है। 2015 के एक मामले में डीआईजी स्तर पर हुई जांच में गौरव राजपूत सहित एक महिला टीआई गायत्री सोनी सहित 4 पुलिसकर्मियों को दोषी माना गया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश जारी किए गए है।
कटनी के नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. विशंभर प्रसाद लालवानी ने उनके खिलाफ 10 लाख रूपए रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे। कटनी में 29 दिसंबर 2015 को भाजपा नेत्री प्रतिभा बजाज ने आत्मदाह कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने सोनिया उर्फ जयंती नामक महिला के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और 3 अन्य लोगों के खिलाफ षड़यंत्र में शामिल होने का केस दर्ज किया था। इसी प्रकरण में कटनी के माधवनगर थाने की तत्कालीन टीआई गायत्री सोनी व अन्य ने डा. विशंभर लालवानी को भी इस केस में फंसाने की धमकी देकर 10 लाख रूपए वसूले थे। तत्कालीन डीजीपी सुरेंद्र सिंह के निर्देश पर बालाघाट डीआईजी जी. जनार्दन ने इस शिकायत की जांच की। गौरव राजपूत, टीआई गायत्री सोनी व अन्य पुलिसकर्मियो को अब विभागीय जांच का सामना करना होगा।
