रतलाम । जैन इन्टरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाईजेशन (जीतो) रतलाम चैप्टर के गठन को लेकर बैठक राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष, विधायक चेतन्य काश्यप, जीतो चैप्टर एण्ड मेम्बरशीप डेवलपमेन्ट चेयरमेन डॉ. अनिल भण्डारी (इन्दौर) की उपस्थिति में रखी गई। बैठक में जैन समाज के प्रमुख उद्योगपति, व्यापारी व गणमान्यजन भी मौजूद थे। रतलाम में जीतो का स्थापना समारोह 23 जुलाई को होगा।
डॉ. भण्डारी ने जीतो के उद्देश्यों व विभिन्न क्षेत्रों में संचालित गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह समग्र जैन समाज की संस्था है। गत 9 वर्षों से देश में कार्यरत है। इसके द्वारा किये जा रहे कार्यों के व्यापक परिणाम हमारे सामने आ रहे हैं। देश में इसके 58 चैप्टर व 60 यूनिट है। सभी मिलकर अपने जीवन व कार्यक्षेत्र व्यापार में आगे बढ़े, यह उद्देश्य है। मालवांचल के कई क्षेत्रों में चैप्टर खुल गए है। आप सभी जीतो से जुड़कर समाज व स्वयं का उत्थान कर देश के निर्माण में भागीदार बनें। आपने कहा कि संस्था द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में यूपीएससी व आईपीएस के कोचिंग इंस्टीट्यूट व होस्टल का संचालन किया जा रहा है। इनमें अध्ययन कर जैन समाज के 124 विद्यार्थी आईएएस व आईपीएस तथा 350 राज्य सेवा के लिए चयनित हुए है। इसमें सर्वाधिक 72 म.प्र. के है, जिन्होंने इंदौर सेन्टर में अध्ययन किया है एवं अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों के है। जीतो द्वारा 15 होस्टलों का निर्माण करवाया जा रहा है, जिसमें 6 प्रारंभ हो चुके है। कोटा में आईआईटी व आईआईएम में अध्ययनरत 180 बच्चों हेतु रियायती होस्टल बन रहा है। श्री भण्डारी ने जीतो द्वारा प्रदान किए जा रहे एज्यूकेशन लोन व स्कॉलरशीप की भी जानकारी दी। सेवा क्षेत्र के बारे में आपने कहा कि जीतो द्वारा साधु-सन्तों की चिकित्सा सेवा हेतु श्रमण आरोग्य ट्रस्ट की स्थापना की है। डॉ. भण्डारी ने बताया कि जीतो की स्थापना के समय से जुड़े चेतन्य काश्यप के प्रयासों से रतलाम में जीतो चैप्टर का स्थापना समारोह 23 जुलाई को किया जा रहा है। चैप्टर के सचिव मुकेश जैन बनाए गए है।
श्री काश्यप ने कहा कि जीतो सेवा भावी संस्था है। समाज की प्रगति व भावी पीढ़ी के भविष्य को देखते जीतो द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में प्रशंसनीय प्रयास किए जा रहे है। समाज की बुनियाद को मजबूत बनाना जरूरी है। इस हेतु सक्षम लोगों को आगे आकर अपना सहयोग करना चाहिए। कार्यक्रम की शुरूआत नवकार महामंत्र् पाठ से हुई। संचालन व आभार मुकेश जैन ने माना।
