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रथ यात्रा में पहुंची TMC सांसद नुसरत जहां बोलीं- दिल से मुस्लिम हूं, राजनीति और धर्म दोनों अलग-अलग हैं

BySurendra Jain

Jul 4, 2019

खबर पक्की: 4 जुलाई कोलकाता,टीएमसी की नवनिर्वाचित सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां आज इस्कॉन मंदिर पहुंची, जहां उन्होंने पूजा अर्चना की। इस दौरान उनके साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं। नुसरत जहां ने इसके बाद पत्रकारों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा, “मैं धन्य हूं कि भगवान ने मुझे अवसर दिया। युवा भारत समावेशी भारत, धर्मनिरपेक्षता, मानवता के लिए खड़ा है। मुझे आमंत्रित करने के लिए मैं इस्कॉन की आभारी हूं। दीदी (ममता बनर्जी) ईद के लिए आती हैं लेकिन उसमें कोई राजनीति नहीं होती। इस दौरान नुसरत जहां ने फतवा जारी होने की खबरों पर कहा, “मैं उन बातों पर ध्यान नहीं देती, जो निराधार हैं। मैं अपना धर्म जानती हूं। मैं जन्म से मुसलमान हूं और अब भी मुसलमान हूं। यह सब विश्वास के बारे में है। आपको इसे अपने दिल से महसूस करना होगा और आपके दिमाग से नहीं.” नुसरत जहां ने इस तरह फतवा जारी होने की खबरों पर अपना रिएक्शन दिया है। उनके इस कमेंट पर खूब रिएक्शन भी आने लगे हैं..
इससे पहले देवबंद के मौलवियों के एक धड़े ने नुसरत जहां के खिलाफ कथित तौर पर ‘फतवा’ भी जारी किया था। पश्चिम बंगाल के बसीरहाट की सांसद नुसरत जहां 25 जून को पहली बार संसद में सिंदूर लगाए हुई पहुंची थीं। और शपथ लेने के बाद उन्होंने ‘वंदे मातरम’ कहा था। नुसरत जहां ने व्यवसायी निखिल जैन से जून में तुर्की में शादी की और इसके कुछ दिनों बाद उन्होंने संसद में शपथ ली थी। इस संबंध में मौलवियों ने दावा किया था कि नुसरत जहां ने जैन धर्म में शादी कर इस्लाम का अपमान किया और उनके वस्त्र को ‘गैर इस्लामिक’ बताया था। जामिया शेख उल हिंद के मुफ्ती असद कासमी ने दावा किया था, ‘मुस्लिमों की शादी मुस्लिमों में ही हो सकती है और वे केवल अल्लाह के सामने झुक सकते हैं, इस्लाम में वंदे मातरम, मंगलसूत्र और सिंदूर के लिए कोई जगह नहीं है और ये चीजें धर्म के खिलाफ हैं।
आलोचनाओं का जवाब देते हुए जहां ने शनिवार की रात को ट्वीट किया था, “किसी भी धर्म के कट्टरपंथियों के बयानों पर ध्यान देना या प्रतिक्रिया देना केवल नफरत और हिंसा को बढ़ावा देना है और इतिहास इसका गवाह है। समग्र भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं जो जाति, पंथ और मजहब के दायरे से परे है। मैं अब भी मुसलमान हूं और किसी को यह नहीं बताना चाहिए कि मैं क्या पहनूं… मजहब कपड़े से परे होता है.’ बता दें कि केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा की महिला नेताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने जहां का समर्थन किया था।

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