खबर पक्की, 16 अगस्त, रतलाम। नाग पंचमी के पावन अवसर पर शिव शक्ति वासुकी धाम, स्नेह नगर, 80 फीट रोड, रतलाम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण भव्य धार्मिक आयोजन किया जाएगा। सोमवार, 17 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में भगवान शिव एवं नाग देवता की विशेष आराधना के साथ पूजन, यज्ञ, पूर्णाहुति, संतों के आशीर्वचन एवं महाआरती सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।
आयोजन के अंतर्गत प्रात: 9 बजे बाबा पूजन, प्रात: 11 बजे यज्ञ, दोपहर 3 बजे पूर्णाहुति तथा संध्या 4 बजे महा आरती वह रात्रि 9 बजे तक प्रसादी का आयोजन रहेगा।
इस अवसर पर विशेष रूप से निर्वाणी अखाड़ा पीठाधीश्वर, आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी श्री श्री 1008 विशोकानंद जी भारती महाराज एवं संस्कार ऋषि संत श्री दिनेश व्यास जी, घटवास वाले का सान्निध्य एवं शुभ आशीर्वाद श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। संतों द्वारा धर्म, संस्कार और जीवन मूल्यों पर दिए जाने वाले प्रेरणादायी उपदेश श्रद्धालुओं को जीवन को सकारात्मक एवं सार्थक ढंग से जीने की नई राह दिखाएंगे।
नाग पंचमी सनातन परंपरा में प्रकृति, नाग देवता और भगवान शिव के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता का पावन पर्व है। भगवान शिव के गले में विराजमान नाग यह संदेश देते हैं कि सृष्टि के प्रत्येक जीव का अपना महत्व है और प्रकृति के प्रत्येक स्वरूप के प्रति सम्मान एवं संरक्षण हमारा दायित्व है। इस पावन अवसर पर नाग देवता के पूजन के साथ भगवान शिव की आराधना श्रद्धालुओं के मन में शांति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
शिव शक्ति वासुकी धाम में आयोजित होने वाला यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का विशेष अवसर बनेगा। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप से सजाया जाएगा तथा श्रद्धालुओं के लिए दर्शन, पूजन, महाआरती एवं प्रसादी की विशेष व्यवस्था रहेगी।
स्नेह नगर विकास समिति एवं वासुकी भक्त मंडल, रतलाम ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से परिवार सहित आयोजन में उपस्थित होकर भगवान शिव एवं नाग देवता की आराधना करने, संतों के आशीर्वचन प्राप्त करने, भव्य महाआरती में सहभागी बनने तथा प्रसादी ग्रहण कर पुण्य के भागी बनने का आह्वान किया है।
आइए, नाग पंचमी के इस पावन पर्व पर श्रद्धा से शिव को नमन करें, प्रकृति का सम्मान करें और संतों के आशीर्वचनों से जीवन को नई दिशा दें।
नाग पंचमी पर शिव शक्ति वासुकी धाम में उमड़ेगी आस्था, विशेष पूजन, यज्ञ, संतों के आशीर्वचन एवं भव्य महाआरती का आयोजन
