रतलाम। भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने तीन सूत्र दिए। पहला शिक्षित बनो, संगठित हो एवं संघर्ष करों। उक्त विचार अपाक्स अध्यक्ष एसएल चौहान ने रखे वे जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे।
इस अवसर पर रमेश कटारिया ने बताया कि बाबा साहब के लेखों से उर्जा मिलती है, वीएल बुज ने कहा कि अस्पृशता के अभिशाप से बाबा साहब ने मुक्ति दिलवाई, उनके साथ बीते स्मरण उन्होंने बतलाए व नवीन मंत्र देने वाले देवता निरुपित किया। श्रीमती कांता निनामा ने ऊंगली में नहीं मुट्ठी में बल होता है। अत: एकता सबसे अधिक महत्वपूर्ण है जो देश को जोड़ती है। बतलाया और बाबा साहब के पद चिन्हों पर चलकर प्रगति की जाना चाहिए। चंद्रशेखर लश्करी ने बताया कि बाबा के संस्कार के समय एक पांव रखने के लिए रिक्त स्थान मुंबई में नहीं मिल पाया पूरा भारत उमड़ पढ़ा। उस समय का विवरण देते हुए बताया कि उनके निवास पर एकत्रित की हुई कोई राशि नहीं मिले । ऐसे त्यागी महामानव थे बाबा साहब। सैलाना अध्यक्ष गोवर्धन बिलवार, बी.एल बिंदोरिया, वीसी पाटीदार, बीएल भूरिया, बद्रीलाल निनामा, सतीश परमार, शांतु, एसएस भिड़े सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।
कार्यक्रम के आरंभ में सभी सदस्यों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा नारे लगाये। कार्यक्रम समापन के पूर्व सभी सदस्यों को महामंत्री वीसी पाटीदार ने मतदान करने की शपथ दिलवाई। आभार प्रदर्शन गोविंद चौधरी ने माना। गिरधारी पाटीदार का विशेष सहयोग रहा।
भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती मनाई
