रतलाम। सूचना अधिकार के तहत जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ध्दारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराने को लेकर राज्य सूचना आयोग आयुक्त भोपाल में अपीलार्थी अब्दुल समद खान की अपील पर तत्कालीन व वर्तमान जिला सूचना अधिकारी को पच्चीस-पच्चीस हजार रूपये एक माह में आयोग कार्यालय में राज्य सूचना आयोग भोपाल मे( नियम में विहित माध्यमों के द्वारा) जमा कर इसकी लिखीत सूचना आयोग को प्रस्तुत करना सुनिश्चित के लिए निर्देशित किया।
समय पर राशि जमा न करने पर आयोग मध्य प्रदेश सूचना का अधिकार (फीस तथा अपील) नियम 2005 के नियम 8(6)(दो)8(6)(तीन) एवं 8(6)(चार) के अंतर्गत कार्यवाही कर सकेगा।
उक्त मामले मेअपीलार्थी समदखान ने महिलाबाल विकास विभाग को 17 मार्च 2015 को एक आवेदन सुचना के अधिकार के तहत लोक सुचना अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा रतलाम को प्रस्तुत करजानकारी चाही गयी थी। लोक सुचना अधिकारी ने 16 अप्रैल 2015 को पत्र के देकर 1386/रूपये की राशी भी चालान से जमा करने हेतु निर्देशित किया गया।अपीलार्थी ध्दारा राशी जमा कर 20अप्रैल को सुचित किया।उसके बाद भी जानकारी नही दी गयी।
अपीलार्थी ध्दारा13 मई को जिला कलेक्टर को प्रथम अपील की लेकीन जानकारी नहीं दी गयी।
मामले मे समदखान ने राज्य सुचना आयोग भोपाल को 29 जुलाई 2016 को अपील लेकीन तत्कालीन सुचना अधिकारी सी.पासी का स्थान्तरण हो गया और उनके स्थान श्रीमति सुषमा भदौरिया आ गयी उन्हे राज्य सुचना आयोग ने अपीलार्थी को जमा राशी 7 दिवस मे वापस करने के साथ ही 15 दिवस मेपालन प्रतिवेदन चाहा था। लेकीन राशी वापस करने की कोई भी सुचना आयोग को नही प्राप्त हुई।
आयोग ने श्री मति सुषमा भदौरिया को कारण बताओ सुचना पत्र जारी किया था। जिसका उत्तर अथवा पक्ष आयोग को प्रस्तुत नही किया।
सी.एल पासी ध्दारा अधिनियम की धारा 7 का उल्लधन मानते हुए श्री पासी को दोषी माना अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत 25 हजार रूपये की अधिकतम शास्ति अघिरोपित कीया गया। तथा श्री मति सुषमा भदौरिया को आयोग का आदेश सुचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 19 (7) के तहत बंधनकारी है।श्री मति भदौरिया को आदेश की अवेहलना करने पर 25 हजार रुपये की शास्ति अघिरोपित कीया है।
उक्तानुसार शास्ति राशी जमा न करने पर आयोग म.प्र. सुचना का अधिकार (फीस तथा अपील) नियम की विभिन्न धाराओ मे कार्यवाही करेगा।आदेश की सुचना अपीलीय अधिकारी,जिला कलेक्टर रतलाम एवं उज्जैन को भी आदेश पालन के लिए भेजी है।
सुचना अधिकार के तहत जानकारी नही देना पड़ा मंहगा, राज्य आयोग ने किया 25 हजार का जुर्माना, मामला महिला बाल विकास रतलाम का
