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राष्ट्रपति ने 19 वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को दिया परम विशिष्ट सेवा पदक

BySurendra Jain

Mar 14, 2019

नई दिल्ली। गुरुवार को राष्ट्रपति रामना कोविंद ने सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत समेत 19 वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम) से सम्मानित किया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष सम्मान समारोह में यह सम्मान दिए गए। यह शांतिकाल का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है। जनरल रावत के अलावा जिन्हें यह सम्मान दिया गया है, उनमें 15 लेफ्टिनेंट जनरल व तीन मेजर जनरल हैं।

मेजर गौबा और कुमार को कीर्ति चक्र रक्षा मंत्रालय ने शांति काल का दूसरा सर्वोच्च सैन्य सम्मान कीर्ति चक्र दो सैन्य अफसरों को देने का फैसला किया है। यह जाट रेजिमेंट के मेजर तुषार गौबा और 22वीं राष्ट्रीय राइफल्स के सोवर विजय कुमार (मरणोपरांत) को दिया जाएगा।

जबकि, सीआरपीएफ के दो जवानों प्रदीप कुमार पांडा (मरणोपरांत) और राजेंद्र कुमार नैन (मरणोपरांत) को भी कीर्ति चक्र के लिए चुना गया है। जबकि, शांति काल का तीसरा सर्वोच्च सैन्य सम्मान शौर्य चक्र नौ सैन्य अफसरों को प्रदान किया जाएगा।

इनमें 10 पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्स) के लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रांत प्रेशर, 14 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर अमित कुमार डिमरी, 4 गोरखा राइफल्स के मेजर इमलियाकुम केइत्जर, पैराशूट रेजिमेंट की नौवीं बटालियन के मेजर रोहित लिंगवाल और पहली बटालियन के कैप्टन अभय शर्मा शामिल हैं।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक शौर्य चक्र पाने वालों में 21 राष्ट्रीय राइफल्स के कैप्टन अभिनव कुमार चौधरी, राष्ट्रीय राइफल्स की नौवीं बटालियन के लांस नायक अय्युब अली, 42वीं बटालियन सिपाही अजय कुमार और 44वीं बटालियन के सैपर महेश एचएन भी शामिल हैं।

सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडर जिले सिंह को भी शौर्य चक्र देने का फैसला किया गया है। तीन लेफ्टिनेंट जनरल को उत्तम युद्ध सेवा पदक, 32 सैन्य कर्मियों को अति विशिष्ट सेवा पदक और नौ सैन्य कर्मियों को युद्ध सेवा पदक देने का फैसला किया गया है।

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