खबर पक्की : नई दिल्ली, राफेल सौदे के दस्तावेजों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने महज तीन दिन के भीतर दो तरह के बयान दिए हैं। दो दिन पहले राफेल सौदे की पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने कहा था की राफेल के कुछ सीक्रेट दस्तावेज चोरी हो गए, वहीं अब सरकार ने यूटर्न लेते हुए यह कहा है कि राफेल के दस्तावेज चोरी नहीं हुए हैं। सरकार का अब कहना है कि राफेल की सीक्रेट फाइल चोरी नहीं, बल्कि फोटोकॉपी हुए हैं। दरअसल, बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में यह कहने के बाद कि राफेल डील से जुड़े कुछ दस्तावेज चोरी हो गए, अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सफाई देते हुए कहा कि राफेल दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चुराए नहीं गये और सुप्रीम कोर्ट में उनकी बात का मतलब यह था कि याचिकाकर्ताओं ने आवेदन में उन ‘मूल कागजात की फोटोकॉपियों’ का इस्तेमाल किया जिसे सरकार ने गोपनीय माना है। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को वेणुगोपाल की इस टिप्पणी ने राजनीतिक भूचाल ला दिया था कि राफेल लड़ाकू विमान के सौदे के दस्तावेज चुरा लिये गये हैं। सुप्रीम कोर्ट में दिए गए इस बयान के बाद न सिर्फ सरकार की आलोचना हो रही थी, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इतने संवेदनशील कागजात के चोरी होने पर सरकार पर निशाना साधा और जांच की मांग की थी। बहरहाल, पीठ पुनर्विचार याचिकाओं पर अगली सुनवाई 14 मार्च को करेगी।
