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सड़क सुरक्षा सप्ताह के शुभारंभ में वक्ता बोले, यातायात सुधार तथा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नागरिकों में स्व-अनुशासन अनिवार्य

BySurendra Jain

Feb 4, 2019

रतलाम। किसी भी स्थान पर यातायात के सुधार तथा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयास तो जरूरी है। इसके अलावा नागरिकों में भी स्व-अनुशासन की भावना होना अनिवार्य है। नागरिक स्वयं आगे बढ़कर यातायात नियमों का पालन करें। तभी दुर्घटनाएं रुक सकती हैं, अव्यवस्था से बचा जा सकता है। यह उदगार रतलाम में 30 वे सड़क सुरक्षा सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने व्यक्त किए।
इस कार्यक्रम में महापौर डॉ. सुनीता यार्दे, पूर्व महापौर पारस सकलेचा, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष श्रीमती यास्मीन शेरानी, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी, रेलवे डीआरएम आरएन सुनकर, सीईओ जिला पंचायत सोमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर सुश्री निशा डामोर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती कामिनी ठाकुर, सीएसपी शहर विवेक सिंह चौहान, निगमायुक्त एस.के. सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अमर वरधानी, एसडीओपी रतलाम ग्रामीण मान सिंह चौहान, डीएसपी ट्रैफिक विलास वाघमारे, ट्रैफिक सूबेदार मोनिका सिंह चौहान, लायंस क्लब, रोटरी क्लब के पदाधिकारी, स्काउट एनसीसी के विद्यार्थी तथा शहर के नागरिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर डॉ सुनीता यार्दे ने कहां कि दिमाग को ठंडा रखकर यातायात नियमों का पालन करके प्रत्येक व्यक्ति वाहन चालन करें तो दुर्घटना नहीं होगी। विद्यार्थी तथा बच्चे ज्यादा से ज्यादा साईकिल का इस्तेमाल करें। गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल से बातें बिल्कुल न करें। यातायात नियमों का पालन करना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पूर्व महापौर पारस सकलेचा ने संबोधित करते हुए कहा कि यह गंभीर विषय है। ट्रैफिक नियमों का पालन करवाने हेतु सभी को सजग रहना होगा। रोड सेफ्टी का ऑडिट करवाना होगा, सड़कों पर कहां, संकेतक लगे हैं कहां नहीं लगे हैं, इसको चिन्हांकित करते हुए संकेतक लगवाया जाए। इंडियन रोड कांग्रेस के पैरामीटर्स के अनुसार सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनवाए जाएं। सब के सामूहिक प्रयासों से ही दुर्घटनाओं की रोकथाम हो सकती है।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अपने उदबोधन में सड़क सुरक्षा सप्ताह के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा सब लोग समझे कि मानव जीवन कितना अनमोल है। जिला प्रशासन पुलिस यातायात विभाग के साथ मिलकर जिले में समग्र बिंदुओं पर योजना बनाकर इस दिशा में काम कर रहा है। हमारे द्वारा ट्रैफिक डिसिप्लीन और यातायात सुधार से संबंधित सभी विभागों को प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जा रहा है ताकि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा सके।
पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि यातायात नियमों का ज्ञान सबको होता है परंतु इनका पालन भी होना बहुत जरूरी है। नियमों के पालन स्व-अनुशासन से ही संभव है। यातायात सप्ताह के संदर्भ में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यातायात विभाग एक अनूठी पहल करते हुए इस सप्ताह के दौरान वाहनों के चालान नहीं बनाएंगे बल्कि नागरिकों को जागरुक करने का महत्वपूर्ण कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुनियोजित ढंग से काम किया जाएगा। इस कार्य योजना में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा सराहनीय सहयोग दिया गया है। जिला प्रशासन ने अन्य संबंधित विभागों को भी कार्य योजना में सम्मिलित किया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए हम नवाचार भी कर रहे हैं। दुर्घटना से कोई भी परिवार वर्षों पीछे चला जाता है। यातायात नियमों का शत-प्रतिशत व्यक्तियों द्वारा पालन आवश्यक है क्योंकि एक व्यक्ति यदि नियम का पालन करता है परंतु सड़क पर सामने वाला वाहन चालक पालन नहीं करता है तो भी दुर्घटना होती है। दुर्घटना की रोकथाम के लिए पालक अपने नाबालिक बच्चों को वाहन नहीं चलाने दे। सड़क की निर्धारित गति सीमा के अनुसार ही वाहन की स्पीड रखी जाए। जिले में हाईवे तथा सड़कों के नजदीकी प्राइवेट अस्पतालों और डॉक्टरों को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है जिससे सड़क दुर्घटना में घायल की जान बचाने में तत्परता से कार्य किया जा सके। कानूनन कोई भी प्राइवेट डॉक्टर किसी घायल का उपचार करने में मना नहीं कर सकता है। प्रायवेट एंबुलेंस को भी डायल 100 तथा 108 वाहन सेवाओं में सम्मिलित किया जा रहा है। हाईवे से लगने वाली लिंक सड़कों पर स्पीड ब्रेकर अनिवार्य रूप से बनाएंगे। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग तथा मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। यातायात सप्ताह के दौरान आगामी दिनों जिले के थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी अपने क्षेत्र के स्कूलों में जाकर बच्चों को जागरूक करेंगे।
रेलवे डीआरएम आरएन सुनकर ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन सराहनीय है। यह लोगों को दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा बेहतर यातायात की दिशा में जागरूक करेगा। उन्होंने कहा कि गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल से बात बिल्कुल नहीं करें।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर हेलमेट के प्रचार-प्रसार के लिए दो पहिया वाहन रैली भी निकाली गई। यातायात रथ को हरी झंडी दिखाकर सप्ताह का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी अतिथियों द्वारा किया गया। इस दौरान टीआई स्टेशन रोड़ राजेन्द्र वर्मा, टी आई सैलाना अजय सिंह राणा, टीआई बिलपांक विनोद सिंह बघेल भी उपस्थित थे।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के प्रथम दिवस 4 फरवरी को शहर में प्रमुख स्थानों चौराहों पर फ्लेक्स, बैनर, यातायात शिक्षा प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से लगाए गए। हेलमेट धारक वाहन चालकों को प्रोत्साहित करने तथा अन्य चालकों को प्रेरित करने के लिए प्रत्येक बीच में प्रमुख स्थानों पर साईड मिरर तथा फूल भेंट किए गए। गैस और केरोसिन से चलने वाले वाहनों की चेकिंग, वाहनों के फिटनेस, बीमा अनुज्ञप्ति आदि के परीक्षण भी किए गए, येलो कार्ड वितरण किए गए।

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