कोलकाता। केंद्रीय बजट पेश करने के बाद विश्वास से लबरेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के गढ़ पश्चिम बंगाल में दो रैलियां कर लोकसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया। उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर में रैली कर उन्होंने मतुआ संप्रदाय में पैठ बनाने का प्रयास किया तो औद्योगिक नगरी दुर्गापुर में रैली के मंच से ममता सरकार पर तगड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ममता सरकार का जाना तय है।
ठाकुरनगर में रैली का आयोजन भाजपा से जुड़े ऑल इंडिया मतुआ महासंघ ने किया था। रैली में जुटी अपार भीड़ से गदगद मोदी ने कटाक्ष किया, बोले-भीड़ देखकर समझ आ रहा है कि दीदी हिंसा पर क्यों उतर आई हैं? हमारे प्रति बंगाल की जनता के प्यार से वह डर गई हैं। लोकतंत्र के बचाव का नाटक करने वाले निर्दोषों की हत्या कर रहे हैं। इस मौके पर अंतरिम बजट की तारीफ करते हुए कहा कि बजट सिर्फ एक शुरुआत है। अगली सरकार बनने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
मांगा तृणमूल से समर्थन
पीएम ने नागरिकता कानून का भी जिक्र किया। कहा, मजबूरी में बांग्लादेश व पाकिस्तान से लोगों को भागकर भारत आना पड़ा। हम नागरिकता का कानून लाए हैं। संसद में कानून पारित होने दीजिए, इससे जनता को उनका अधिकार मिलेगा। रैली में भारी भीड़ से भगदड़ जैसी स्थिति देख पीएम ने अपना भाषण महज 14 मिनट में ही खत्म कर दिया। इस दौरान महिलाओं को हुई तकलीफ के लिए माफी भी मांगी।
कौन हैं मतुआ
मतुआ अनुसूचित जाति के हैं और दशकों से देश में नागरिकता के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ये 1950 के दौर में धार्मिक उत्पीड़न की वजह से पूर्वी पाकिस्तान (आज का बांग्लादेश) से आकर पश्चिम बंगाल में बस गए थे। लगभग 30 लाख की इनकी आबादी राज्य के पांच लोकसभा क्षेत्रों में प्रभाव रखती है। नागरिकता बिल को भाजपा का समर्थन दिए जाने की वजह से मतुआ संप्रदाय ने पीएम का अभिवादन करने के लिए रैली आयोजित की।
ठाकुरनगर के बाद पहुंचे दुर्गापुर
ठाकुरनगर के बाद पीएम पश्चिम बर्द्धमान जिले के दुर्गापुर पहुंचे। यहां भी बजट की तारीफ के साथ दीदी पर हमले जारी रहे। राज्य में भाजपा कर्मियों पर हो रहे हमलों का उल्लेख किया। कहा, दीया बुझने से पहले आखिरी दौर में खूब जोर लगाता है। दीदी ने वामो का अत्याचार सहा है, हमें लगा कि वह उस रास्ते नहीं जाएंगी। लेकिन उन्हें नहीं पता कि निर्दोषों को परेशान करके और गाड़ियां जलाकर लोगों को रैलियों में आने से नहीं रोका जा सकता।
मोदी बोले काले कारनामों और चिटफंड घोटालों के खिलाफ हम कार्रवाई कर रहे हैं। अरे दीदी जब कुछ गलत किया नहीं तो डर कैसा? गुजरात में मुझे भी जांच एजेंसियों ने 9-10 घंटे बैठाकर पूछताछ की थी। लेकिन गलत किया ही नहीं था तो कोई डर नहीं था।
विकास की अनदेखी का आरोप
ममता सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि ममता सरकार उन परियोजनाओं को हाथ ही नहीं लगाती, जिनमें सिंडिकेट का शेयर न हो और जहां मलाई न मिलती हो। इसीलिए ‘आयुष्मान भारत’ जैसी योजना को रोका गया है क्योंकि, इसमें शेयर नहीं मिलने वाला था।
