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Vijay Mallya भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित, अब संपत्ति जब्त कर सकती है सरकार

BySurendra Jain

Jan 5, 2019

मुंबई। 9 हजार करोड़ के बैंक लोन घोटाले के बाद विदेश भाग चुके शराब कारोबारी विजय माल्या को विशेष पीएमएलए अदालत ने शनिवार को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। कोर्ट ने माल्या की उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने पर रोक लगाते हुए कुछ समय देने की मांग की गई थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब सरकार को विजय माल्या की संपत्ति जब्त करने का भी अधिकार मिल गया है।

माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट में याचिका लगाई थी। 26 दिसंबर 2018 को कोर्ट ने फैसला 5 जनवरी तक के लिए सुरक्षित रखा था। माल्या ने पहले प्रिवेंशन मनी लॉन्ड्र एक्ट (पीएमएलए) अदालत को बताया था कि वह भगोड़ा आर्थिक अपराधी नहीं है, उसने यह भी कहा था कि वह मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में शामिल नहीं है। विजय माल्या को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम-2018’ के तहत भगोड़ा घोषित करने संबंधी याचिका पर विशेष अदालत में केस चल था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस संबंध में मनी लांड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट द्वारा भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के बाद ईडी को माल्या की संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार मिल गया है।

माल्या ने अपने वकील अमित देसाई के जरिये याचिका को निरस्त करने की मांग की और से कहा गया था कि नया कानून कठोर है। देसाई ने ईडी के उस दावे का विरोध किया, जिसमें कहा गया है कि शराब कारोबारी मार्च 2016 में एक सम्मेलन में शामिल होने के बहाने सामान से भरे 300 बैग के साथ जेनेवा चला गया था। वास्तव में वह सम्मेलन के बहाने देश से भाग गया था।

गौरतलब है कि विजय माल्‍या इस समय लंदन में है। लंदन की कोर्ट माल्या के प्रत्यर्पण के लिए रजामंदी दे चुकी है, लेकिन माल्या के पास फिलहाल इसके खिलाफ अपील करने के लिए जनवरी तक का वक्त है। माल्या इन दिनों ब्रिटेन में है। 62 वर्षीय कारोबारी पर मनी लांड्रिंग का भी आरोप है। लंदन की एक कोर्ट ने उसके भारत के समक्ष प्रत्यार्पण का आदेश भी दिया है।

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