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कर्जमाफी के प्रस्ताव पर मुहर, 55 लाख किसानों को होगा फायदा

BySurendra Jain

Jan 5, 2019

भोपाल। विभागों के बंटवारे के बाद आज कमलनाथ कैबिनेट की पहली बैठक हुई। इस बैठक में किसानों की कर्ज माफी को औपचारिक मंजूरी दी गई है। बैठक के बाद उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने बताया कि, “मुख्य फसल ऋण माफी योजना में किसानों का दो लाख तक का कर्जा माफ किया गया है। पहले 31 मार्च, 2018 तक जिन किसानों ने लोन किया था, उन्हें शामिल किया गया था, लेकिन अब योजना का लाभ 12, दिसंबर 2018 के बीच लोन लेने वाले किसान भी शामिल होंगे।”

इस योजना से पूरे प्रदेश के 55 लाख किसानों को फायदा मिलेगा। सरकार ने सबसे ज्यादा जोर लघु और सीमांत किसानों को फायदा पहुंचाने पर दिया है। लगभग 35 लाख ऐसे किसानों का कर्जा माफ होगा। फिर चाहें किसानों ने सहकारी, सार्वजनिक क्षेत्र या क्षेत्रीय बैंकों से कर्ज लिया हो। 22 फरवरी से किसानों के खातों में राहत राशि पहुंचने लगेगी। विकास खंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पर योजना को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी होगी। 26 जनवरी से किसानों से कर्ज माफी के फॉर्म भराए जाएंगे।

तीन तरह की सूची होगी, पहली हरी जिसमें आधार से लिंक किसान होंगे। दूसरी सफेद जिसमें गैर आधार वाले किसान होंगे, लेकिन उनके पास पहचान के कोई दूसरे दस्तावेज होंगे। इसके साथ ही तीसरी में वे किसान होंगे जिनके पास ना तो आधार होगा ना ही कोई अन्य दस्तावेज तो उन्हें भी कर्जमाफी में शामिल किया जाएगा। किसान के खाते में 22 फरवरी से राशि आना शुरू हो जाएगी। किसानों को कर्ज मुक्ति प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे, 5 फरवरी 2019 से ग्राम पंचायत और बैंकों सूची चस्पा की जाएगी। कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि आयकर दाता सरकारी कर्मचारी अधिकारी और नेता को कर्जमाफी का लाभ नहीं मिलेगा।

कैबिनेट बैठक में ग्वालियर व्यापार मेला में वाहनों की बिक्री पर 50 फीसदी रोड टैक्स में छूट देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। गुना से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसकी मांग राज्य सरकार से की थी, परिवहन विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर भेजा था।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कन्या विवाह में 51 हजार की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पहले यह राशि 25 हजार थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ ने पहले ही दिन इससे संबंधित आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, वहीं यह भी निर्णय लिया गया कि आदिवासी अंचलों में प्रचलित एकल व सामूहिक विवाह व्यवस्था में होने वाले विवाह में भी कन्यादान की राशि दी जाएगी। बैठक में बिजली विभाग को लेकर भी प्रेजेंटेशन हुआ।

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