खबर पक्की : जिले के आदिवासी अंचल ग्राम पोन बट्टा के सुनील पिता नानु राम ने भूख सहन नहीं होने के कारण कल 29 दिसम्बर को कीटनाशक दवाई पी ली बालक से पूछा कि दवाई किस कारण से पी तो बोला कि ग्राम अंबा पाड़ा की राशन दुकान से राशन लेने कई दिनों से जा रहा था किंतु राशन दुकान वाले ने गेहूं नहीं दिया और भूख सहन नहीं हो रही थी इसलिए दवाई पी ली उक्त बालक का फिलहाल बाजना सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है, उसके पिता नानूराम से जब चर्चा की तो उसने कहा कि कर्जा बहुत हो रहा है और पैसे कमाने के लिए मैं कोटा गया था वहां भाई का फोन आया कि सुनील ने ऐसे दवाई पी ली है तो सब काम छोड़कर भागता हुआ घर आया। जिले के ग्राम बाजना और सैलाना आदिवासी अंचल में रोजगार की काफी कमी है और ज्यादातर परिवार खेती पर ही निर्भर है किंतु खेती से इतनी कमाई नहीं है कि उनका ढंग से गुजर बसर हो सके इस कारण नई सरकार के सामने चुनौती है कि कैसे रोजगार के अवसर बढ़ाकर इनकी कमाई बढ़ाई जा सके ताकि इनका ढंग से जीवन यापन हो सके पता चला है कि बाजना हॉस्पिटल के डॉक्टर जायसवाल ने बालक की स्थिति गंभीर होने के कारण बालक को जिला चिकित्सालय रतलाम रेफर कर दिया है। जिला प्रशासन को भी पता करना चाहिए कि आखिर बालक कई दिनों से राशन की दुकान पर जा रहा था तो उसको गेहूं क्यों नहीं दिया गया और जो भी जिम्मेदार हो उसको कड़ा दंड दिया जाना चाहिए ताकि आगे से ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। जिला कलेक्टर रुचिका चौहान से इस संदर्भ में बात करने के लिए मोबाइल पर संपर्क किया गया पर उनसे बात नहीं हो पाई फिर ADM जितेंद्र चौहान से बात करने पर उन्होंने कहा कि मैं मामले को दिखाता हूं और जो भी दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
