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देश के कई राज्यों में बारिश की संभावना, 24 घंटे में बदल सकते हैं मौसम के तेवर

BySurendra Jain

Dec 29, 2018

नई दिल्ली। देश के पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद कई राज्यों में ठंड के तेवर कड़े हो गए हैं, आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। शीतलहर के बीच अब कई राज्यों में अगले घंटों में बारिश का दौर चलने की संभावना भी बनने लगी है। नए साल की शुरुआत में लोगों को तेज ठंड के साथ ही बारिश का एक साथ सामना भी करना पड़ सकता है।

वेदर फॉरकास्ट एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिणी आंध्र प्रदेश, आस-पास के रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।

एजेंसी के अनुमान के अनुसार अरुणाचल प्रदेश, असम के ऊपरी क्षेत्रों और नागालैंड पर हल्की वर्षा हो सकती है। साथ ही जम्मू-कश्मीर और उत्तरी हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की उम्मीद है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घना कोहरा छाया रहेगा।

देश के उत्तर पूर्वी राज्यों में भी ठंड के साथ कोहरा छाया रहने का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बन सकती है। उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों, मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। हालांकि इन क्षेत्रों के अधिकांश हिस्सों में तापमान में मामूली गिरावट जारी रहेगी।

देश में पिछले 24 घंटों में बदला मौसम का मिजाज़

पिछले 24 घंटों के दौरान आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में बारिश देखने को मिली है। वहीं तमिलनाडु, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय पर हल्की वर्षा हुई। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर शीत लहर की स्थिति देखी गयी।

इसके अलावा उत्तर एवं मध्य भारत में उत्तर पश्चिमी हवाएँ चलने के कारण दिन के तापमानों में 3 से 4 डिग्री की कमी आयी है। पंजाब, असम, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घना कोहरा छाया रहा। हरियाणा, दिल्ली, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के बाकी राज्यों में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहा।

देश के कई हिस्सों में बना हुआ है सिस्टम

उत्तरी पाकिस्तान और साथ लगे जम्मू-कश्मीर पर एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तरी मध्य महाराष्ट्र पर बना हुआ है। एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मध्य-पूर्वी अरब सागर पर देखा जा सकता है। साथ ही एक ट्रफ रेखा यहाँ से दक्षिणी केरल तट तक जा रही है।

एक अन्य चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मध्य आंध्र प्रदेश और साथ लगे क्षेत्रों पर देखा जा सकता है। अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा पर एक अन्य चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र देखा जा सकता है।

बता दें कि पिछले कुछ वक्त से देश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शीतलहर के बीच छाए घने कोहरे की वजह से ना सिर्फ जनजीवन अस्त व्यस्त हुआ है, बल्कि कोहरे की वजह से कई बड़े हादसे भी हो चुके हैं। रेलवे, हवाई सेवाएं भी ठंड और कोहरे की वजह से प्रभावित हुई हैं।

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