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मंत्री काश्यप की दूरदर्शी सोच से उत्कृष्ट विद्यालय रतलाम को मिली कृषि संकाय की सौगात, हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को मिलेगी नई दिशा, कृषि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट विद्यालय रचेगा नया इतिहास

BySurendra Jain

Aug 8, 2026

खबर पक्की, 8 अगस्त, रतलाम। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग मध्यप्रदेश शासन के मंत्री चैतन्य काश्यप की दूरदर्शी सोच, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति उनकी सकारात्मक दृष्टि तथा रतलाम को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के संकल्प का एक और महत्वपूर्ण परिणाम सामने आया है। उनके सतत प्रयासों से शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रतलाम सहित जिले के आलोट, जावरा-2, पिपलौदा एवं रतलाम-2 विकासखंड के कुल छह विद्यालयों में कृषि संकाय प्रारंभ करने की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह निर्णय केवल नए संकाय की शुरुआत नहीं, बल्कि जिले के हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
मंत्री काश्यप का सदैव यह मानना रहा है कि शिक्षा तभी सार्थक होती है, जब वह स्थानीय आवश्यकताओं, रोजगार की संभावनाओं और भविष्य की चुनौतियों से जुड़ी हो। मालवा अंचल की कृषि प्रधान पहचान तथा विद्यार्थियों की बढ़ती शैक्षणिक आवश्यकताओं को देखते हुए उन्होंने लंबे समय से उत्कृष्ट विद्यालय रतलाम में कृषि संकाय प्रारंभ करने की आवश्यकता महसूस की। विद्यालय के प्राचार्य, विद्यार्थियों एवं पालकों की मांग को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने इस विषय को शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया, जिसके परिणामस्वरूप आज यह बहुप्रतीक्षित सौगात जिले को प्राप्त हुई है।
विद्यालय के प्राचार्य सुभाष कुमावत ने बताया कि कृषि संकाय प्रारंभ होने से विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि विज्ञान, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, कृषि अनुसंधान, कृषि प्रौद्योगिकी, नवाचार, एग्री-बिजनेस, कृषि उद्यमिता तथा स्वरोजगार के विविध अवसरों का व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण ज्ञान प्राप्त होगा। विशेष रूप से ग्रामीण एवं कृषक परिवारों के छात्र-छात्राओं को अपनी रुचि के अनुरूप उच्च शिक्षा एवं बेहतर कैरियर निर्माण का सशक्त अवसर मिलेगा। साथ ही वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दे सकेंगे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप यह पहल कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा को और अधिक सशक्त बनाएगी। अब विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा के लिए अन्य शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा, बल्कि अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे न केवल शिक्षा का स्तर ऊँचा होगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक एवं कृषि विकास को भी नई गति मिलेगी।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्राचार्य सुभाष कुमावत ने विद्यालय परिवार की ओर से मंत्री श्री चैतन्य काश्यप के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच, संवेदनशील नेतृत्व और विद्यार्थियों के हित में किए गए सतत प्रयासों से रतलाम जिले को शिक्षा के क्षेत्र में एक अमूल्य सौगात प्राप्त हुई है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से जिले के विद्यार्थियों को भविष्य निर्माण का एक सशक्त अवसर मिला है। विद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि यह निर्णय आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा तथा रतलाम जिले को कृषि शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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