खबर पक्की: मालवा अंचल में तीन कद्दावर नेता पुत्र मोह में अपनी साख दांव पर लगा बैठे ना तो पुत्र को जीता पाये उलटे अपनी साख कम कर ली। सबसे पहला नंबर केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत के बेटे जितेंद्र गहलोत का है जो आलोट से चुनाव लड़ रहे थे इस चुनाव में जीतेन्द्र गहलोत को एक ना मालूम से अनजाने नाम चपरासी के बेटे मनोज चावला ने 5600 वोटों से पटखनी दी जबकि इन की राह आसान करने के लिए कांग्रेस के दिग्गज प्रेमचंद गुड्डू ने भाजपा का हाथ थामा और उज्जैन की घटिया सीट से अपने बेटे अजित बौरासी को भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ाया जिसे कांग्रेस आलोट से टिकट देने से मना कर रही थी। लेकिन अजीत बोरासी को उज्जैन जिले की घटिया सीट से कांग्रेस के रामलाल मालवीय ने हरा दिया। इसी प्रकार झाबुआ से कांतिलाल भूरिया ने अपने बेटे विक्रांत भूरिया को लड़ाया लेकिन विक्रांत भूरिया की राह में कांग्रेस के बागी जेवियर मईडा चट्टान की तरह खड़े हो गए और विक्रांत भूरिया को भी हार का मुंह देखना पड़ा। इस तरह दो भाजपा और एक कांग्रेस के तीनों कद्दावर नेताओं को पुत्र मोह में अपनी साख दांव पर लगा कर भी हार का मुंह देखना पड़ा और इस तरह पुत्र मोह में माया मिली न राम कहावत उनके साथ चरितार्थ हुई।
