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फर्जी ई-चालान की एपीके फाइल से सावधान, एक क्लिक से खाली हो सकता है बैंक खाता, रतलाम पुलिस की साइबर एडवाइजरी, अनजान लिंक और मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड नहीं करने की अपील

BySurendra Jain

Sep 8, 2026

खबर पक्की, 8 सितंबर, रतलाम। साइबर अपराधी आमजन को ठगी का शिकार बनाने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। इन दिनों वाहन के लंबित ई-चालान के नाम पर मोबाइल पर संदेश भेजकर फर्जी एपीके फाइल डाउनलोड करवाने और मोबाइल में सेंध लगाने का प्रयास किया जा सकता है। रतलाम पुलिस ने नागरिकों से ऐसे संदेशों और फाइलों से सावधान रहने की अपील की है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पन्द्रो के मार्गदर्शन में साइबर प्रकोष्ठ रतलाम द्वारा यह साइबर जागरूकता सूचना जारी की गई है।
चालान के नाम पर ऐसे हो सकती है ठगी
साइबर ठग मोबाइल पर संदेश, व्हाट्सऐप या अन्य माध्यम से सूचना भेज सकते हैं कि आपके वाहन का चालान लंबित है। जुर्माना जमा करने के नाम पर किसी लिंक पर क्लिक करने अथवा एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जा सकता है। संदेश में यातायात चालान, लंबित जुर्माना या परिवहन विभाग के चालान जैसी जानकारी देकर लोगों में जल्दबाजी और भय पैदा किया जाता है।
फर्जी एपीके फाइल मोबाइल में हानिकारक एप्लीकेशन स्थापित कर सकती है। इसके माध्यम से ठग मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारी, एक बार इस्तेमाल होने वाला पासवर्ड, संदेश और अन्य जानकारी तक अनधिकृत पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल आर्थिक ठगी के लिए किया जा सकता है।
फर्जी चालान से बचने के लिए क्या करें

  • अनजान नंबर से प्राप्त ई-चालान के लिंक पर क्लिक न करें।
  • व्हाट्सऐप या संदेश के माध्यम से प्राप्त अनजान एपीके फाइल डाउनलोड या स्थापित न करें।
  • किसी के कहने पर मोबाइल की अज्ञात एप्लीकेशन स्थापित करने वाली सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव न करें।
  • एक बार इस्तेमाल होने वाला पासवर्ड, गुप्त भुगतान अंक, एटीएम गुप्त अंक, कार्ड सुरक्षा अंक या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
  • संदिग्ध लिंक या फाइल खोलने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
  • वाहन चालान की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी माध्यम का उपयोग करें।
  • किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन साझा करने, दूरस्थ पहुंच देने या संदिग्ध एप्लीकेशन स्थापित करने से बचें।
    एपीके फाइल क्यों है खतरनाक
    एपीके एंड्रॉयड मोबाइल एप्लीकेशन की स्थापना फाइल होती है। साइबर अपराधी इसका दुरुपयोग कर फर्जी एप्लीकेशन तैयार कर सकते हैं। ऐसी संदिग्ध एप्लीकेशन मोबाइल में अनावश्यक अनुमति मांग सकती है और प्राप्त अधिकारों का दुरुपयोग कर सकती है। इसलिए अनजान स्रोत से प्राप्त एपीके फाइल स्थापित करना गंभीर साइबर जोखिम हो सकता है।
    गलती से फाइल स्थापित हो जाए तो तुरंत उठाएं ये कदम
    यदि किसी व्यक्ति ने गलती से संदिग्ध ई-चालान एपीके फाइल डाउनलोड या स्थापित कर ली है तो तुरंत मोबाइल को इंटरनेट से अलग करें। संदिग्ध एप्लीकेशन का इस्तेमाल न करें और उसे हटा दें। बैंक से संपर्क कर खाते की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
    यदि आर्थिक धोखाधड़ी हो गई है तो बिना देरी किए 1930 साइबर अपराध सहायता नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस के अनुसार, जितनी जल्दी घटना की सूचना दी जाएगी, ठगी की राशि को सुरक्षित कराने की संभावना उतनी ही अधिक हो सकती है।
    रतलाम पुलिस की अपील
    रतलाम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सरकारी सेवा, वाहन चालान या किसी अन्य बहाने से प्राप्त अनजान लिंक, एपीके फाइल अथवा संदिग्ध संदेश पर भरोसा न करें। कोई भी फाइल डाउनलोड या स्थापित करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साइबर ठगी से बचें।

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