इंदौर। कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए 155 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी। पार्टी ने अनुभवी नेताओं के साथ ही युवा चेहरों को भी मौका दिया है। हालांकि पहली सूची में अधिकांश वो सीटें हैं जहां सिंगल नाम थे। पार्टी ने मालवा-निमाड़ की 41 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं।
कांग्रेस ने प्रदेश की सियासत के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले मालवा-निमाड़ क्षेत्र पर खास फोकस किया है। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले दिनों मालवा-निमाड़ पर ही सबसे ज्यादा ध्यान दिया और धुआंधार दौरा किया। इसी दौरान उन्होंने दावेदारों की परख की और पार्टी ने उन्हें मौका दिया।
आपको बता दें कि कांग्रेस ने इंदौर की तीनों ग्रामीण सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। पार्टी ने राऊ से जीतू पटवारी को फिर प्रत्याशी बनाया है। पटवारी मौजूदा विधायक भी हैं और इंदौर से एकमात्र कांग्रेस विधायक हैं। उनका टिकट वैसे भी पक्का माना जा रहा था। इसके अलावा सांवेर से पार्टी ने पूर्व विधायक तुलसी सिलावट और महू से अंतरसिंह दरबार को उम्मीदवार बनाया है। ये दोनों प्रत्याशी पिछले चुनावों में भी इन्हीं सीटों पर उम्मीदवार बनाया था लेकिन दोनों को ही हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी ने शहरी इलाके से केवल इंदौर विधानसभा 3 पर प्रत्याशी घोषित किया। यहां से पूर्व विधायक अश्विन जोशी उम्मीदवार होंगे। जोशी पिछला चुनाव हार गए थे। इस बार अश्विन जोशी के भतीजे पिंटू जोशी भी यहां से दावेदारी कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने अश्विन जोशी को मौका दिया।इंदौर की शेष सीटों पर घोषणा नहीं की है।
शाजापुर और आगर जिले की 5 में से 4 सीट पर पार्टी ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने महत्वपूर्ण फैसला करते हुए युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी को कालापीपल से और हृस्ढ्ढ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन वानखेड़े को आगर से उम्मीदवार बनाया है। ये दोनों ही युवा चेहरे आज जारी सूची में शामिल हैं। इधर शाजापुर से हुकुमसिंह कराड़ को मौका दिया है। ये सातवां मौका होगा जब कराड़ चुनावी मैदान में नजर आएंगे। दिग्विजयसिंह सरकार में वे मंत्री भी रहे थे। वहीं सुसनेर से महेंद्रसिंह परिहार कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे। वे आगर जिले के बडौद नगर परिषद अध्यक्ष के पुत्र हैं। वहीं शुजालपुर में पेंच फंस गया है और पार्टी ने यहां अभी नाम नहीं घोषित किया है।
खरगोन की बात करें तो खरगोन शहर को छोड़कर कांग्रेस ने शेष सभी 5 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने भीकनगांव से झूमा सोलंकी, बड़वाह से सचिन बिरला, महेश्वर से विजयलक्ष्मी साधौ, कसरावद से सचिन यादव और भगवानपुरा से विजय सिंह को उम्मीदवार बनाया है। बड़वाह में पिछली बार राजेन्द्र सिंह प्रत्याशी थे, जबकि इस बार सचिन बिरला को मौका दिया गया। सचिन पिछली बार निर्दलीय लड़े थे और दूसरे नंबर पर रहे थे।खरगोन शहर सीट को लेकर जरूर घमासान है। यहां अरुण यादव व रवि जोशी के बीच गुटबाजी के चलते प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है। घोषित उम्मीदवारों में से वर्तमान में 3 उम्मीदवार विधायक हैं।
आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले की बात करें तो यहां पेटलावद छोड़कर शेष दो सीटों झाबुआ और थांदला के प्रत्याशी पार्टी ने घोषित कर दिए हैं। झाबुआ से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा सांसद कांतिलाल भूरिया के पुत्र विक्रांत भूरिया और थांदला से वीरसिंह भूरिया को प्रत्याशी बनाया है। वहीं जोबट से कलावती भूरिया से उम्मीदवार होंगी। पार्टी ने आलीराजपुर का नाम घोषित नहीं किया गया है।
रतलाम की बात करें तो रतलाम सिटी और आलोट को छोड़कर शेष सभी सीटों पर पार्टी ने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। जावरा से केके सिंह कालूखेड़ा, सैलाना से हर्षविजय गहलोत और रतलाम ग्रामीण से लक्ष्मण सिंह डिंडोर को प्रत्याशी घोषित किया।
वहीं उज्जैन में कांग्रेस ने नागदा से दिलीप गुर्जर, घट्टिया से रामलाल मालवीय, तराना से महेश परमार और बडऩगर मुरली मोरवाल को प्रत्याशी बनाया है।
कांग्रेस ने देवास जिले की 5 सीटों में से 3 पर प्रत्याशी घोषित किए हैं, 2 पर नाम घोषित नहीं किए हैं। पार्टी ने देवास शहर से जयसिंह ठाकुर, सोनकच्छ से सज्जन सिंह वर्मा और बागली से कमल सिंह वास्कले को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने खातेगांव और हाटपीपल्या को फिलहाल होल्ड पर रखा है।
बड़वानी जिले की 4 सीटों में से पार्टी ने सेंधवा से ग्यारसी लाल रावत, राजपुर से बाला बच्चन और बड़वानी से रमेश पटेल को उम्मीदवार बनाया है। पानसेमल से अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
घोषित सूची में चौंकाने वाला नाम मनावर के प्रत्याशी का रहा। मनावर से कांग्रेस ने जयस संगठन के प्रमुख डॉ. हीरालाल अलावा को प्रत्याशी बनाया है। जयस से कांग्रेस ने गठबंधन किया है। हालांकि जयस ने इंदौर विधानसभा क्षेत्र 5 से भी टिकट मांगा है।
कांग्रेस ने मंदसौर जिले से केवल सुवासरा से हरदीपसिंह डंग को उम्मीदवार बनाया है। वहीं नीमच जिले की एक भी विधानसभा के लिए प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है।
