रतलाम निगम आयुक्त एसके सिंह आदतन नियमों का उल्लंघन करने के आदी है। पूर्व में भी शासन के वित्तीय निर्देशों के बावजूद ₹63 के तीन वाहन उन्होंने खरीदे जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश थे कि नगरी निकाय सहित शासन के अन्य विभागों में भी ₹700000 से ऊपर की गाड़ी किसी भी कीमत पर नहीं खरीदी जाएगी उसके बावजूद उन्होंने तीन गाड़ियां 63 लाख की खरीदी जो कि शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाती है। शासन के निर्देशों का उल्लंघन अपने और नेताओं को लाभान्वित करने के लिए किया जाता है और इस मामले की जांच आर्थिक अपराध संरक्षण विभाग कर रहा है लेकिन इनकी पहुंच के कारण अभी तक वहां पर भी एफ आई आर दर्ज नहीं हुई है।
निगम सूत्रों के अनुसार शासन के निर्देश है कि किसी भी निकाय में सक्षम अनुमति या आज्ञा के बगैर नए वाहनों की खरीदी नही हो सकती है। इसके बावजूद निगम आयुक्त एसके सिंह ने शासन के इन नियमों को ताक में रखते हुए करीब 63 लाख लागत के तीन लगझरी वाहनों की खरीदी की है। इनमें से करीब 21 लाख का वाहन खुद ने उपयोग में लिया है और दो अन्य वाहन महापौर और निगम अध्यक्ष को दिए है। निगम अध्यक्ष का दिया गया वाहन दो मर्तबा शहर के बाहर पलट कर क्षतिग्रस्त हो चुका है। मगर इस मामले में निगम आयुक्त ने किसी तरह की जांच का जोखिम नही उठाया है। पार्षदों के बीच दाने डाल कर आपस में लड़ाना और अपनी मनमानी के लिए ख्यात और कुख्यात इस आयुक्त को पिछले कार्यकाल में पूर्व महापौर शैलेन्द्र डागा ने रतलाम से विदा कराया था। मगर नगरवासियों की बदनसीबी की ये रतलाम में वापस पदस्थ हो गए। नियमों के विपरित खरीदे गए इन वाहनों का मामला विधानसभा से लेकर सचिवालय में भी गूंजा मगर इस मामले की जांच और जांच करने वाली ऐजेंसियों को गुमराह कर मामले को टाल दिया गया है। अगर इनके पूरे कार्यकाल की किसी सक्षम एजेंसी से जांच कराई जाए तो ढेरों अनियमितताएं देखने को मिलेगी।
