खबर पक्की: इस बार का फटाका वितरण लाइसेंस कार्य शत प्रतिशत पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ इसके लिए एसडीएम सिटी राहुल धोटे द्वारा काफी मेहनत की गई थी और इसकी तारीफ स्वयं कलेक्टर रुचिका चौहान द्वारा की गई एसडीएम ने इस पूरी प्रक्रिया को कंप्यूटराइज कर दिया था। एसडीएम द्वारा बताया गया कि हर एप्लीकेंट को दायरे में दर्ज कर एक यूनिक कोड आवंटित किया गया था उस कोड को कंप्यूटर में डाल दिया गया और उसके आधार पर जैसे ईवीएम मशीनों का रेंडमाइजेशन होता है उसी तर्ज पर लाइसेंस वितरण का रेंडमाइजेशन किया गया इससे किसी को भी आपत्ति उठा ने या हंगामा करने की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि किसी भी अलॉटमेंट को कंप्यूटर द्वारा किया गया उसमें किसी का कोई हस्तक्षेप नहीं था। कुल 164 फटाका लाइसेंस बांटे गए अंबेडकर ग्राउंड पर 20 स्टेडियम के लिए 30 त्रिवेणी के लिए 66 और 48 दुकाने बड़बड़ के लिए लाइसेंस दिए गए। ओरिया पूरी प्रक्रिया सबके सामने की गई और सभी दुकानदारों ने इस प्रक्रिया पर अत्यधिक संतोष व्यक्त किया साथ ही इस प्रक्रिया के दौरान सभी दुकानदारों को यह बताया गया कि जिसने आवेदन दिया है वह या उसके परिवार का कोई व्यक्ति ही दुकान पर बैठ कर दुकान चलाएगा अगर उसने दुकान किसी और को चलाने के लिए दी और मौके पर कोई दूसरा पाया गया तो उसके खिलाफ फौजदारी कार्रवाई भी की जाएगी और हमेशा के लिए ब्लैक लिस्ट भी कर दिया जाएगा इससे दुकान लेने वाले को दुकान किसी और को बेचने या प्ले करने मौका नहीं मिलेगा पहले यह होता था कि एक ही आदमी 10 दुकानों के लिए आवेदन कर देता था और दुकान अलॉट होने के बाद दूसरों को बेच देता था। पूरी प्रक्रिया कंप्यूटराइज्ड होने से दलालों को इस प्रक्रिया से मुक्त रखने में सहायता मिली है। इससे एक बात साफ हो जाती है कि अगर प्रशासन चाहे की एकदम पारदर्शी तरीके से काम होऔर इसके लिए अधिकारी पूर्णतया समर्पित हो तो हर काम को सही तरीके से अंजाम दिया जा सकता है।
