रतलाम / कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रूचिका चौहान ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्याशियों को नामांकन के समय शपथ-पत्र पूर्ण रूप से भरकर जमा कराना होगा और इस शपथ-पत्र को तीन बार प्रिन्ट मीडिया और तीन बार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जारी करना होगा। इस शपथ पत्र में यह उल्लेख करना होगा कि उनके विरूद्ध कोई आपराधिक प्रकरण लंबित है और यदि किसी प्रकरण में सजा मिल चुकी है तो इसका स्पष्ट रूप से उल्लेख शपथ पत्र में करना होगा।
आयोग के निर्देशानुसार मतदान के 5 दिन पूर्व मतदाता पर्ची का वितरण पूर्ण हो जाएगा। इस बार मतदाता पर्ची में मतदान केन्द्र पहुँचने का नक्शा भी उपलब्ध रहेगा। पर्ची वितरण के समय बीएलओ मतदाता पर्ची की मतदाताओं से पावती प्राप्त करेगा। ऐसे मतदाता जिनको मतदाता पर्ची का वितरण नहीं हो पाया उनकी सूची पीठासीन अधिकारी अपने पास रखेगा। फोटो मतदाता पर्ची किसी अनाधिकृत व्यक्ति के पास पाये जाने या वितरण किये जाने पर लोक प्रतिनिधि अधिनियम, 1951 तथा भारतीय दण्ड संहिता के अनुसार उल्लंघन माना जायेगा और ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही होगी।
मीडिया में करनी होगी घोषणा- भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संसद के दोनों सदनों और राज्य विधान मंडलों के निर्वाचनों में उन अभ्यर्थियों, जिनके विरूद्ध आपराधिक मामलें या तो लम्बित हैं या पूर्व में दोषसिद्धि के मामले हैं, के द्वारा तथा उन राजनैतिक दलों, जो ऐसे अभ्यर्थी खड़े करते हैं, के द्वारा ऐसे मामलों के बारे में निर्वाचन क्षेत्र में व्यापक वितरण वाले समाचार पत्रों में एक घोषणा व्यापक रूप से प्रकाशित करेंगे। यह घोषणा निर्धारित प्रपत्र (फार्मेट सी-1 एवं सी-2) में अभ्यर्थिता वापस लेने की अन्तिम तारीख से लेकर मतदान होने की तारीख से दो दिन पहले तक कम से कम तीन अलग-अलग तारीखों में प्रकाशित की जानी होगी। यह सामग्री से कम 12 के फोंट आकार में और समाचार-पत्रों में उचित स्थान पर प्रकाशित की जानी चाहिए ताकि व्यापक रूप से प्रचारित किए जाने सम्बन्धी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
आपराधिक मामलों वाले ऐसे सभी अभ्यर्थियों के लिए यह भी अपेक्षित होगा कि वे उपर्युक्त अवधि के दौरान तीन अलग-अलग तारीखों को टीवी चैनलों पर भी उपर्युक्त घोषणा प्रकाशित करेंगे। किन्तु, टीवी चैनलों पर घोषणा के मामलों में इसे मतदान सम्पन्न होने के लिए निर्धारित समय समाप्त होने से 48 घंटे पहले पूरा कर लिया जाना चाहिए। प्ररूप-26की मद 5 और 6 में घोषणाओं के अनुसार आपराधिक मामलों वाले सभी अभ्यर्थियों के मामले में, रिटर्निंग अधिकारी, समाचार पत्रों और टीवी चैनलों में व्यापक प्रचार के लिए आपराधिक मामलों के बारे में घोषणा प्रकाशित दिए जाने वाले करने के लिए इन दिशानिर्देशों के बारें में एक लिखित अनुस्मारक देंगे। अभ्यर्थियों को दिए जाने वाले ऐसे अनुस्मारक के लिए एक मानक फॉर्मेट, फार्मेट सी-3 के रूप में संलग्न है। अभ्यर्थी, जिला निर्वाचन अधिकारी को अपने निर्वाचन व्यय लेखा के साथ उन समाचार पत्रों की प्रतियां जमा करेंगे जिनमें इस संबंध में उनकी घोषणा प्रकाशित की गई थी।
