खबर पक्की: राफेल डील को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि ये जनहित याचिका नहीं बल्कि राजनीतिक हित की याचिका है । ये चुनाव का समय है और कोर्ट को इसमें दखल नहीं देना चाहिए।केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है।केंद्र सरकार ने कहा कि ये जनहित याचिका नहीं है बल्कि राजनीति से प्रेरित याचिका है और ये समय चुनाव का है अगर कोर्ट याचिका पर नोटिस जारी करता है तो सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है।इस याचिका पर सुनवाई की जरूरत नहीं है। इस पर कोर्ट ने कहा कि हमने तो याचिकाकर्ता की दलीलें रिकॉर्ड पर ले रहे हैं क्योंकि यह पर्याप्त नहीं नजर आती है और ना ही हम आप को नोटिस जारी कर रहे हैं पूरे फैसले की प्रक्रिया क्या रही है आप हमें सीलबंद लिफाफे में बताएं इसमें आपको कोई आपत्ति नहीं होना चाहिए। राफेल मामले में अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 31 अक्टूबर लगाई।
