रतलाम। विकास कार्य होना हर शहर के लिए अच्छी बात होती है, लेकिन रतलाम में विकास कार्यो की कछुआ रफ्तार लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। करीब एक साल से भी ज्यादा समय के बाद भी गीता मंदिर से जिला न्यायालय फोरलेन की धीमी रफ्तार से पहले से ही लोग बेहाल हैं, वहीं अब टुकड़ो टुकड़ो में किए जा रहे काम लोगों के लिए जानलेवा भी बन रहे हैं।
कलेक्ट्रेट की ओर जाने वाले मार्ग पर सीमेंट कांक्रीट सड़क बनाई गई है लेकिन देवीसिंह की गली और सड़क किनारे बनी दुकानों और मकानों में जाने के रास्ते पर गहरे गड्ढे छोड़ दिए गए हैं। करीब एक महीने से भी ज्यादा से करीब ३-४ फीट चौड़े और इतने ही गहरे गड्ढे को उलाँघ कर लोगों को अपने घर-मकानों तक आना-जाना पड़ रहा है। इसके चलते यहां आए दिन महिलाएं और बुजुर्ग लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। मंगलवार सुबह भी एक महिला अपने घर जाते समय गड्ढे में गिर पड़ी जिससे उसके पैर में भी मोच आई और चोट लगी है। क्षेत्रीय व्यापारी श्रेणिक बाफना, अश्विन बाफना, गोलू बाफना, नवीन कुमावत, अनुराधा कुमावत आदि ने कहा कि महीने भर से हर रोज हो रही तकलीफ, दुर्घटनाओं के बावजूद न तो शासकीय अधिकारी न ही जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान द रहे हैं।
अनुराधा कुमावत ने शिकायत करते हुए कहा कि इसी सड़क पर जिला पंचायत, कोर्ट और एसपी ऑफिस तथा पेंशन ऑफिस, तहसील कार्यालय आदि अब भी संचालित हैं। बावजूद इसके गिरते-मुसीबत में फंसे लोगों पर कोई ध्यान देने को भी तैयार नहीं है।
