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जिले का एक मात्र कृषि विज्ञान केन्द्र बना भ्रष्टाचार का अड्डा, नियमों को रखा जा रहा ताक पर…

BySurendra Jain

Sep 8, 2018

ख़बरपक्की: जिले का एक मात्र कृषि विज्ञान केंद्र जो की जिले की पिपलौदा तहसील में कालूखेड़ा गांव में है और जिसके लिये पूर्व कृषि मंत्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा ने अथक प्रयत्न किए थे तब जाकर केंद्र सरकार ने इसको स्थापित करने की मंजूरी दी थी उनके स्वर्गवास पश्चात उनके ही परिवार के लोग आज प्रबंध कमेटी में ताकतवर पदों पर है लेकिन जहां महेंद्र सिंह कालूखेड़ा ने इस संस्था को किसानों के हित मे नई ऊंचाई दी थी वही आज प्रबंध समिति में काबिज लोग इस संस्था को अपने निजी हित साधने का केंद्र बना गर्त में धकेल रहे हैं। यही कारण है कि किसानों की समस्याओं को हल कर उन्हें नवाचार और वैज्ञानिक खेती की और प्रेरित करने वाला, करोड़ो के खर्च से चलने वाला यह केंद्र अब निजी हित साधन का अड्डा बनता जा रहा है भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नियमानुसार ऐसे केंद्रों का इंचार्ज उस केंद्र पर पदस्थ वरिष्ठतम वैज्ञानिक के हाथ मे होना चाहिए लेकिन निजी हितों के चलते एक 4 माह के प्रक्षिक्षु कर्मचारी मनोज जाट जिसका प्रशिक्षण काल भी अभी पूरा नही हुआ है को केंद्र का इंचार्ज बना दिया गया है जबकी वरिष्ठतम वैज्ञानिक वहा मौजूद है और सबसे वरिष्ठतम एक महिला वैज्ञानिक है लेकिन इन सबको दर किनार इस कारण किया गया क्योंकि यह प्रबंधन के खाँचे में फिट नही बैठते। इतना ही नही इस केंद्र के लिए16 व्यक्तियों का स्टाफ स्वीकृत है जिनको मोटा वेतन दिया जाता है यही कारण है की इस केंद्र में नियुक्तियों में मनमानी की जाकर केंद्र की आवश्यकताओ को ताक पर रखा जा रहा है और जरूरत के पदों की पूर्ति न कि जाकर गैर जरूरी पदों को सृजित किया जा रहा है इसी कारण ग्रह विज्ञान विषय मे एक होम साइंस सहायक कर्मचारी की पोस्ट सेंक्शन होने के बावजूद उस पोस्ट को समर्पित किये बगैर एक होम साइंस वैज्ञानिक की पोस्ट के लिये वेकेंसी काल कर ली जबकि यह पोस्ट यहा है ही नही क्योंकि उस होम साइंस सहायक के पद पर कार्यरत महिला कर्मचारी को फायदा पहुंचाना है और उसे सहायक से वैज्ञानिक बनाना है जबकि सहायक की पोस्ट को खत्म किये बगैर वैज्ञानिक की पोस्ट को सृजित करना नियम विरुद्ध है लेकिन निजी स्वार्थों के चलते नियमो को खूंटी पर टांगा जा रहा है अगर केंद्र सरकार इसकी अनियमितताओं की जांच किसी सक्षम एजेंसी से करवाये तो यहां चल रहा बहुत सा भ्र्ष्टाचार उजागर होगा।

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