रतलाम आलोट ताल क्षेत्र में पीला सोना के नाम से जाने जाने वाली फसल सोयाबीन को पिछले करीब 2 सप्ताह से एक अजीब सा रोग ,वायरस हो गया है, यह रोग सोयाबीन की फसल के पौधों की जड़ों में ऐसा फैला है कि वह पूरे खेत की फसल को चौपट कर रहा है, इसके चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है, कृषि विभाग को इस रोग का इलाज शीघ्र करना चाहिए वरना किसानों के समक्ष गंभीर संकट पैदा हो जाएगा, मेलुखेड़ी एरवांस माधोपुर कोटड़ी मार्ग पर स्थित किसानों का कहना है कि 10 से 15 दिन की भीतर सोयाबीन फसल में ऐसा रोग आ गया की फसलें सूखती जा रही है, और पौधे पीले पड़ गए हैं, उनमें लगी फलियां बिना दाने के शुखकर खेतों में गिरने लगी है ,उनका मानना है कि बीज में कोई खराबी नहीं है ,तथा उन्होंने बोनी से लेकर अब तक लगभग हजारों रुपए खर्च कर दिया है और उक्त रोग अब धीरे-धीरे आसपास के किसानों के खेतों में फैल रहा है ,खेतों में खड़ी सोयाबीन को भी अपनी चपेट में ले रहा है जिससे इनके साथ-साथ अन्य किसानों की चिंता भी बढ़ती जा रही है ,इसलिए समय रहते कृषि विभाग को इस रोग के फैलने के कारण और बचाव के उपाय को खोज कर किसानों को अविलंब राहत देना चाहिए.
