खबर पक्की, 14 अक्टूबर, रतलाम। नवरात्रि, दशहरा सहित आगामी त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खरीदारी करते समय होने वाली साइबर ठगी से बचने के लिए रतलाम पुलिस ने आमजन के लिए सुरक्षा सलाह जारी की है। पुलिस ने फर्जी छूट, नकली खरीदारी की वेबसाइट, सामाजिक माध्यमों पर विज्ञापन, पार्सल संबंधी संदेश, क्यूआर संकेत और फर्जी ग्राहक सेवा के जरिए होने वाली ठगी से सावधान रहने की अपील की है।
पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार (भारतीय पुलिस सेवा) के निर्देशानुसार पुलिस ने लोगों को किसी भी अनजान कड़ी, संदिग्ध प्रस्ताव या भुगतान संबंधी अनुरोध पर बिना जांचे भरोसा नहीं करने की सलाह दी है।
फर्जी छूट और नकली वेबसाइट से रहें सावधान
साइबर अपराधी सामाजिक माध्यमों और व्हाट्सऐप पर महंगे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़ों और प्रसिद्ध कंपनियों के उत्पादों पर भारी छूट का लालच देकर नकली वेबसाइट पर भुगतान करा सकते हैं। ऐसी स्थिति में सामान की आपूर्ति नहीं होती। प्रतिष्ठित कंपनियों जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट और अनुप्रयोगों के जरिए बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी भी चुराई जा सकती है।
पुलिस ने सलाह दी है कि वेबसाइट का सही पता जांचकर आधिकारिक वेबसाइट या अनुप्रयोग से ही खरीदारी करें। अनजान कड़ी से कोई अनुप्रयोग या एपीके फाइल डाउनलोड न करें और असामान्य छूट देखकर जल्दबाजी में भुगतान करने से बचें।
फर्जी पार्सल संदेश और ग्राहक सेवा से बचें
त्योहारी खरीदारी के दौरान पार्सल रोकने, सामान पहुंचाने में विफलता, पता बदलने या पैसा वापस दिलाने के नाम पर फर्जी संदेश भेजे जा सकते हैं। ऐसे संदेशों में दी गई कड़ी खोलकर व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण या एक बार इस्तेमाल होने वाला गुप्त अंक दर्ज करने से आर्थिक नुकसान हो सकता है।
पुलिस ने सलाह दी है कि पार्सल की स्थिति संबंधित कंपनी या अधिकृत वितरण सेवा की आधिकारिक वेबसाइट से जांचें। ग्राहक सेवा का दूरभाष क्रमांक भी संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या अनुप्रयोग से ही प्राप्त करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पर्दा साझा करने या दूसरे उपकरण से मोबाइल चलाने की सुविधा देने वाले अनुप्रयोग स्थापित न करें।
क्यूआर संकेत और भुगतान में बरतें सावधानी
साइबर अपराधी पैसा प्राप्त करने, वापस दिलाने या विशेष प्रस्ताव का लाभ देने के नाम पर क्यूआर संकेत पढऩे और यूपीआई गुप्त अंक दर्ज करने के लिए कह सकते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सामान्यत: पैसा प्राप्त करने के लिए यूपीआई गुप्त अंक दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती।
भुगतान करने से पहले प्राप्तकर्ता का नाम और राशि जांचें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर क्यूआर संकेत पढ़कर भुगतान न करें और अपना गुप्त अंक, बैंक संबंधी कूटशब्द या एक बार इस्तेमाल होने वाला गुप्त अंक किसी के साथ साझा न करें।
ऑनलाइन खरीदारी के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
- केवल विश्वसनीय वेबसाइट और आधिकारिक अनुप्रयोग से खरीदारी करें।
- वेबसाइट का सही पता जांचें और भारी छूट के लालच में जल्दबाजी न करें।
- किसी से भी बैंक संबंधी गुप्त अंक, कूटशब्द या भुगतान का गुप्त अंक साझा न करें।
- अनजान कड़ी से अनुप्रयोग या एपीके फाइल डाउनलोड न करें।
- भुगतान से पहले प्राप्तकर्ता का नाम और राशि जांचें।
- बैंक खाते और भुगतान संबंधी संदेशों पर ध्यान दें।
- अनजान व्यक्ति को मोबाइल की स्क्रीन देखने या उसे दूर से चलाने की अनुमति न दें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
रतलाम पुलिस ने अपील की है कि ऑनलाइन खरीदारी, नकली वेबसाइट या भुगतान के माध्यम से ठगी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। इसके साथ ही नजदीकी पुलिस थाने या साइबर प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने परिवार के सदस्यों, विशेषकर बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और ऑनलाइन भुगतान का कम अनुभव रखने वाले लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की है।
