खबर पक्की: मोदी सरकार द्वारा बनाए गए जस्टिस बीएन श्री कृष्णा आयोग द्वारा सूचना के अधिकार कानून में सुझाए गए संशोधन सूचना का अधिकार कानून को कमजोर करेंगे और भ्रष्ट बाबुओं को बचाने का काम करेंगे यह बात सभी सूचना आयुक्तों को पत्र लिखते हुए मुख्य सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्यलू ने कहीं है उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार में कोई भी बदलाव बगैर सूचना आयुक्तों के पूछे बगैर नहीं करना चाहिए यह कानून देश की जनता को सशक्त बनाने के लिए लाया गया है बगैर जनता की राय और सूचना आयुक्तों की राय के बदलाव किए जाने से कानून कमजोर होगा उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व केंद्र सरकार सूचना आयुक्तों के वेतन संबंधी अधिकार अपने पास रखने के लिए कानून लेकर संसद में आई थी जिसको लेकर भारी हंगामा मचा मचा था और सरकार को वह विधेयक वापस लेना पड़ा था जस्टिस श्री कृष्णा आयोग ने धरा 8:01 में निजता का अधिकार का हवाला देते हुए निजी जानकारियों को देने से इस संशोधन में रोका गया है मुख्य सूचना आयुक्तों का कहना है किस संशोधन के द्वारा बहुत ही असीमित और विस्तारित अधिकार दिए जाने से यह कानून कमजोर होगा और भ्रष्ट बाबुओं को संरक्षण मिलेगा एक तरफ देश के प्रधान सेवक खुद को चौकीदार कहते हुए अपने साथ नियत का हवाला देते हैं वहीं दूसरी ओर उन्हीं का बनाया हुआ आयोग देश की जनता को सशक्त करने वाला अधिकार सूचना के अधिकार को कमजोर करने पर तुला हुआ है उल्लेखनीय है कि इसे कानून की वजह से कांग्रेस सरकार को सत्ता से जाना पड़ा इसीलिए मोदी सरकार की मंशा है कि इस कानून को कमजोर किया जाए नहीं तो क्या कारण है कि एक अच्छे भले कानून को कमजोर किए जाने की कवायद चल रही है। कांग्रेस की मनमोहन सिंह सरकार द्वारा जो सबसे अच्छे कानून बनाए गए उनमें से एक कानून सूचना का अधिकार कानून है जिसने जनता को सशक्त और लोकतंत्र को मजबूत किया है लेकिन भाजपा की मोदी सरकार लगातार इस कानून को कमजोर करने की फिराक में लगे हुए हैं जनता और विपक्ष को इस बारे में सतर्क रहना चाहिए।
