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साधु-संतों पर विश्वास करें अंधविश्वास नहीं- मुनि प्रणाम सागरजी

BySurendra Jain

Jul 25, 2018

रतलाम। समाज में विश्वास का संकट सब तरफ आया है साधु संतों पर भी आमजन का विश्वास उठा है लोगों को साधु-संतों पर विश्वास करना चाहिए ना कि अंधविश्वास करे।व्यक्ति लोभ लालच में जो जुड़कर फसते है कुछ लोग साधु संतों के पास लालच के लिए जाते हैं। ऐसे कुछ ही अपवाद है।साधु संतों को भी ऐसे प्रयास करना चाहिए कि वह इस बिरादरी को बदनाम होने से बचाएं। वैसे तो रावण ने भी साधु के वेश का दुरूपयोग किया था। आम जनता में भी इसके लिए जागरूक होना आवश्यक है।
आज युवाओं को धर्म से जोडने के लिए दिशा देने की जरूरत है जबकि उन्हें धर्म थोप देते हैं धर्म को थोपना नहीं युवाओं के मन में जगाना होगा तभी युवा वर्ग धर्म से जुड़ पाएगा।
यह बात मुनि श्री प्रणाम सागर जी ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही मुनि श्री ने कहा की समाज व देश की स्थिति दिशाहीन हो रही है संस्कृति विकृति की ओर बढ़ रही है समाज में परिवर्तन की जरूरत है समाज की दिशा व दशा बदलने के लिए धर्म और अध्यात्म ही एक माध्यम हे साधु संत उनका माध्यम बन सकता है आम जनता को धर्म प्रवचन का लाभ लेना चाहिए साधु संत की कोई जात नहीं होती है उनका उद्देश्य मनुष्य मात्र में मानवी मूल्य को जागृत करना होता है साधु संत समाज की दशा व दिशा बदलने में सार्थक होगा।
उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि भीड़ में जो अमानवीय घटनाएं हो रही है वह निंदनीय है हमें इसकी जड़ में जाना चाहिए अफवाह बहुत फैलती है अफवाहों से भी सावधान रहना चाहिए। किसी भी अपराधी को कानून के तहत सजा मिले आम जनता को कानून हाथ में नही लेना चाहिए यदि वह ऐसा करती है तो भीड़ भी दोषी ही नहीं महा दोषी है। मुनि श्री का आलौकिक प्रवचन एवं तार्किक शंका समाधान का लाभ देश-विदेश में लाखों लोग एक लंबे समय से उठा रहे हैं अपने जीवन के उद्देश्यों को सार्थक करने के लिए जैन व अन्य धर्मावलंबी पारस चैनल एवं जिनवाणी चैनल के माध्यम से ज्ञानवर्धक एवं रोचक कार्यक्रम में लोग भाग लेकर गुरुदेव से सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा पा रहे हैं मुनी श्री प्रवचन के दौरान प्रवचन ही नहीं एक प्रेरणा होती है वे जीवन जीने की कला सिखाते हैं धर्म और जीवन अवतार से संबंधित समस्त शंकाओं का त्वरित और सटीक समाधान मुनि श्री की सबसे बड़ी विशेषता है। हजारों हजारों परिवार ने मुनि श्री के इस कार्यक्रम से अपने जीवन में बदलाव घटित किए हैं चातुर्मास को सफल बनाने के लिए ऐतिहासिक तैयारियां स्थानीय लोकेंद्र भवन पर जोर शोर के साथ चल रही है। पत्रकार वार्ता के दौरान धर्मानुरागी मांगीलाल जैन, एडवोकेट सुनील जैन, राकेश अग्रवाल, ओम अग्रवाल, निलेश गोधा, कीर्ती बड़जात्या, उषा जैन उपस्थिति थे।

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