• Mon. Aug 24th, 2026

उपज लेकर पहुंचे किसान, मंडी पहुंचते ही पता चला नीलामी नहीं होगी, आक्रोशित किसानों ने फोरलेन पर किया प्रदर्शन, बाद में शुरू हुई नीलामी

BySurendra Jain

Aug 24, 2026

खबर पक्की, 24 अगस्त, रतलाम। कृषि उपज मंडी में सोमवार को प्याज-लहसुन मंडी बिना सूचना के बंद कर छुट्टी घोषित करने पर किसान भड़क गए। किसानों ने मंडी गेट के बाहर महू-नीमच फोरलेन पर करीब दो घंटे बैठकर चक्काजाम कर दिया। किसानों का कहना था कि मंडी में छुट्टी रखनी थी तो पहले सूचना देनी चाहिए थी। जाम के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
मंडी प्रशासन ने शुक्रवार को 22 अगस्त को माह का चौथा शनिवार और 23 अगस्त रविवार के शासकीय अवकाश के साथ 24 अगस्त सोमवार को व्यापारी संघ के आवेदन पर मुख्य अनाज मंडी का अवकाश घोषित किया था। लेकिन मंडी परिसर में प्याज-लहसुन मंडी का अवकाश घोषित नहीं किया गया था।
इस कारण बड़ी संख्या में किसान रविवार को ही प्याज और लहसुन से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और अन्य वाहन लेकर मंडी पहुंच गए थे। लेकिन सुबह व्यापारियों ने सावन के आखिरी सोमवार और कांवड़ यात्राओं में शामिल होने का हवाला देते हुए मंडी चालू नहीं की। इससे किसान आक्रोशित हो गए।
किसान नेता डीपी धाकड़, राजेश पुरोहित, किसान संघ के ललित पोरवाल, जगदीश पाटीदार के साथ बड़ी संख्या में मंडी पहुंचे किसानों ने सड़क पर ट्रैक्टर खड़े कर सुबह 10.30 बजे से जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर एसडीएम तरुण जैन, तहसीलदार आशीष उपाध्याय, रामचंद्र पांडेय, स्टेशन रोड थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
अधिकारियों ने किसानों से बात कर उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान नहीं माने। बाद में एसडीएम और अन्य अधिकारियों ने मंडी सचिव से बात की। व्यापारियों को भी बुलाया गया, लेकिन व्यापारी आने के लिए तैयार नहीं हुए। सड़क जाम होने के कारण यातायात को डायवर्ट किया गया। इस दौरान दो बार एंबुलेंस और कांवड़ यात्रा के वाहन सड़क से निकले, जिन्हें किसानों ने रास्ता दिया।
किसानों के दबाव के बाद दोपहर 1.20 बजे मंडी चालू कर प्याज-लहसुन की नीलामी शुरू की गई। इसके बाद किसान मान गए और सड़क से हट गए। इस बीच किसानों ने एक तरफ का सड़क मार्ग भी चालू कर दिया था।
मंडी में पहुंची 1 हजार ट्रॉलियां
मंडी में इन दिनों प्याज और लहसुन की बंपर आवक हो रही है। दो दिन की छुट्टी के कारण कई किसान शनिवार और रविवार को ही प्याज-लहसुन लेकर मंडी पहुंच गए थे, ताकि सोमवार को उनका नंबर सबसे पहले आ जाए।
कलोरी खुर्द के किसान मन्नालाला जाट, ईश्वर मालवीय, जितेंद्र पटेल और बड़ायला माताजी के गौरीशंकर पाटीदार ने बताया कि वे शनिवार और रविवार से मंडी में आए हुए हैं। सुबह मंडी में बिना पूर्व सूचना के छुट्टी घोषित कर दी गई। ऐसे में उनका प्याज और लहसुन खराब हो सकता है। किसानों ने कहा कि छुट्टी करनी थी तो पहले इसकी सूचना देनी चाहिए थी।
किसान नेता डीपी धाकड़ ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की जितनी छुट्टियां हैं, उससे ज्यादा व्यापारी अपनी मनमर्जी से छुट्टी घोषित करते हैं। रतलाम मंडी दो दिन से बंद थी। सोमवार को मंडी चालू रहने का मैसेज था, इसलिए बड़ी संख्या में किसान यहां पहुंचे थे, लेकिन सोमवार को मंडी बंद कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडियों में भारसाधक अधिकारी पहुंचते नहीं हैं और किसान धूप व गर्मी में परेशान होते रहते हैं।

error: Content is protected !!