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रॉयल कॉलेज में महर्षि श्री अरविंद जी की जयंती पखवाड़े के अंतर्गत जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन

BySurendra Jain

Aug 24, 2026

खबर पक्की, 24 अगस्त, रतलाम। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला रतलाम द्वारा महर्षि श्री अरविंद जी की जयंती पखवाड़े के अंतर्गत जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज, सालाखेड़ी कैंपस रतलाम पर किया गया।
व्याख्यानमाला का उद्देश्य महर्षि श्री अरविंद के स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी योगदान, उनके जीवन दर्शन, शिक्षा संबंधी विचारों एवं राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को जनमानस, विशेषकर युवाओं तक पहुंचाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती, महर्षि श्री अरविंद एवं श्री माँ के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन श्री प्रमोद गुगालिया ने सभी अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया ।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला रतलाम के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए स्वागत उद्बोधन दिया।
व्याख्यानमाला में बीकानेर राजगुरु निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी श्री विशोकानंद भारती जी महाराज ने राष्ट्रभक्ति एवं आध्यात्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण विषय पर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि श्री अरविंद के जीवन में राष्ट्रभक्ति और आध्यात्म का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को अपनाकर सशक्त राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें।
अखण्ड ज्ञान आश्रम के स्वामी संत श्री देव स्वरूपानंद जी महाराज ने कहा कि महर्षि श्री अरविंद का जीवन आत्मविकास के साथ राष्ट्र और समाज के विकास की प्रेरणा देता है। उनका शिक्षा दर्शन व्यक्ति के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।
रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री मनोहर पोरवाल ने कहा कि महर्षि श्री अरविंद ने ऐसे भारत की कल्पना की थी, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा, संस्कार और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भौतिक प्रगति के साथ हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जड़ों को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है।
न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रतलाम के श्री नीरज पवैया** ने महर्षि श्री अरविंद के विचारों को नागरिक कर्तव्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए कहा कि जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होता है।
अरविंद सोसायटी से प्राध्यापक सुश्री ऋतम् उपाध्याय ने कहा कि महर्षि श्री अरविंद का शिक्षा दर्शन युवाओं के व्यक्तित्व के समग्र विकास पर आधारित है। उनके विचार विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारित, जागरूक और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
पर्यावरणविद एवं जिला जन अभियान समिति, रतलाम के पूर्व उपाध्यक्ष श्री अशोक पाटीदार** ने महर्षि श्री अरविंद के प्रकृति एवं मानव जीवन के समन्वय संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए त्रिवेणी वन रोपण अभियान की जानकारी दी तथा पर्यावरण संरक्षण एवं पौधरोपण का संदेश दिया।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की बीके सविता दीदी ने महर्षि श्री अरविंद के आत्मचेतना और सकारात्मक जीवन संबंधी विचारों पर प्रकाश डालते हुए नशामुक्त भारत निर्माण के लिए 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा अभियान से जुडऩे का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महर्षि श्री संजय शिवशंकर दवे, महर्षि अरविंद सोसायटी के चेयरमैन श्री सतीश पंडया एवं रॉयल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. उबेद अफजल सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के उपरांत महाविद्यालय परिसर में उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को नशामुक्ति एवं स्वैच्छिकता की शपथ दिलाई गई। साथ ही एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत त्रिवेणी के पौधों का रोपण भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन श्री महावीरदास बैरागी द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन रॉयल कॉलेज प्रशासन के प्रोफेसर दिनेश राजपुरोहित द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखण्ड समन्वयक मुकेश कटारिया, निर्मल अमलियार, शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, रतनलाल चरपोटा एवं विजयेश राठौड़, रॉयल कॉलेज के शिक्षा विभाग के प्राचार्य डॉ. आर. के. अरोड़ा, प्रबंधन विभाग के प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री, कॉमर्स विभागाध्यक्ष डॉ. अमित शर्मा, लाइफ साइंस विभागाध्यक्ष प्रो कपिल केरोल, कम्प्यूटर विभाग की विभाग प्रमुख प्रो. दीपिका कुमावत एवं नर्सिंग कॉलेज की उप-प्राचार्य ज्योत्सना सोलंकी सहित बड़ी संख्या में नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि, सीएमसीएलडीपी के छात्र, समिति पदाधिकारी, रॉयल कॉलेज के विद्यार्थी एवं स्टॉफ, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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