खबर पक्की, 2 अक्टूबर, रतलाम। पितृ पक्ष के दौरान जहां देशभर में लोग अपने पूर्वजों को याद कर उनका तर्पण और श्राद्ध कर रहे हैं, वहीं रतलाम सर्किल जेल की चारदीवारी के अंदर से एक सराहनीय और भावुक तस्वीर सामने आई है। शुक्रवार सुबह जेल में बंद बंदियों ने जेल परिसर के अंदर ही विधि-विधान से अपने पितरों का याद करते हुए तर्पण किया।
जेल में लंबे समय से सजा काट रहे या विचाराधीन बंदियों के लिए बाहर जाकर अपने पूर्वजों का तर्पण करना संभव नहीं था। ऐसे में उनके मन में अपने दिवंगत माता-पिता, दादा-दादी और अन्य पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने की इच्छा को देखते हुए जेल प्रशासन ने यह विशेष व्यवस्था की। युवा सेवा संघ और विद्वान पंडितों के सहयोग से आयोजित इस सामूहिक तर्पण कार्यक्रम में बंदियों ने पूर्ण श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदौरिया भी मौजूद रहे और उन्होंने स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कई बंदी भावुक भी नजऱ आए, क्योंकि परिजनों और घर से दूर रहने के कारण वे लंबे समय से अपने धार्मिक संस्कारों को पूरा नहीं कर पा रहे थे। इस पहल ने उन्हें अपने पूर्वजों से भावनात्मक रूप से जुडऩे का अवसर दिया।
जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदौरिया ने बताया कि जैसा कि सभी को विदित है कि पितृ पक्ष चल रहे हैं। आज पितरों की शांति के लिए सर्किल जेल प्रशासन ने यह निर्णय लिया कि जो बंदी जेल में बंद हैं और जिनके माता-पिता या परिजन शांत हो गए हैं, वे बाहर न होने के कारण अपने पितरों का तर्पण नहीं कर पाते थे। बंदियों की इच्छा और जेल प्रशासन की पहल पर युवा सेवा संघ के सहयोग से आज विधि-विधान से तर्पण और पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। निश्चित रूप से इससे हमारे बंदी भाइयों को मानसिक शांति मिलेगी और पितृ शांति का लाभ प्राप्त होगा।
रतलाम सर्किल जेल में बंदियों ने किया पितरों का तर्पण, जेल प्रशासन और युवा सेवा संघ की अनोखी पहल
