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गौ रक्षा और गौ माता की बातें ही बातें, सैकड़ों गायों को प्रशासन ने भूखा मरने के लिए लावारिस छोड़ा।

BySurendra Jain

Jul 18, 2018

ख़बरपक्की आलोट: । बुधवार को स्थानीय प्रशासन ने बाहर से आई सैकड़ो गायो को जिन्हे खेल स्टेडियम मे स्कूलों में शरण दिलाई थी, उन्हे फिर से भुखे मरने के लिए या किसानो के खेतो मे खड़ी फसलो को नुकसान पहुंचाने के लिए आजाद कर दिया प्रशासन के इस निर्णय से किसानो मे असंतोष बढ रहा है । एक तरफ केंद्र व राज्य सरकार गायो की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है तो वही दूसरी ओर यहाॅ के प्रशासन की कार्यशैली गौमाता को लावारिस छोड़ने की है । प्रशासन के इस फैसले को गलत बताते हुए कुछ कृषको ने गुरूवार को तहसील कार्यालय के घेराव का आव्हान किया है ।
पिछले तीन दिन से नगर मे बाहर से आई तकरीबन एक हजार गायो को घास पानी आदि की व्यवस्था हेतु नगर परिषद् अध्यक्ष प्रतिनिधि विरेन्द्रसिंह सोलंकी ने नागरिको से आर्थिक,घास, सुकला,आदि सहयोग करने की अपील की थी । जिस पर लोगो ने हर प्रकार से सहयोग भी किया और गायो के आठ दिन तक का घास आदि जमा भी हो गया । लेकिन बुधवार को एसडीएम रणजीत कुमार, तहसीलदार स्वाति तिवारी ने स्टेडियम पहूॅचकर गायो को सुरक्षा देने या सुरक्षित मुकाम पर पहूॅचाने के बजाय उन्हे स्टेडियम से बाहर निकलवाकर मगरे पर छुडवा दिया । गाय-बछडो का झुंड अलग-अलग गांव जहाॅनाबाद, खामरिया, पाटन, मालिया आदि की ओर निकल गया । जिन्हे देखकर उक्त गांवो से बड़ी संख्या मे ग्रामीण तहसील कार्यालय पर पहूॅचे और एसडीएम एवं एसडीओपी शशि कैथवास व तहसीलदार से उक्त गायो के स्थायी ठिकाना जहाॅ इनकी देखभाल दाना-पानी मिल सके वहाॅ भिजवाने बाबत चर्चा की तो कोई संतोषजनक समाधान नही निकाला जा सका इस मामले में SDM कार्यालय में जम कर बहस के बावजूद कोई हल नही निकलने से किसानो ने गुरुवार को तहसील कार्यालय का घेराव कर जिलाधीश रतलाम के नाम ज्ञापन देने की घोषणा मीडिया और संवाददाताओ के समक्ष की ।
इधर गोभक्ति और गाय को लेकर यदाकदा चर्चा मे रहने वाले भी यहाॅ अपनी सेवाऐ देते हुए दिखाई नही दिये है । कही ऐसा तो नही कि इस मामले मे भी कोई राजनीति चक्कर चल गया हो ? हाॅ गो सेवक एवं राष्ट्रीय चिंतक संतश्रीरामजीराम महाराज भी गायो को देखने स्टेडियम पर पहूॅचे थे । उन्होंने भी गायो की स्थिति देखी और उन्हे स्थायी मुकाम दिलाने की बात कही । वैसे तो कल सैकड़ो लोग यहाॅ गोमाता की सेवा करने पहूॅचे थे और उन्होंने स्वयं अपने हाथो से गुड हरा घास आदि खिलाया भी । प्रमुख मे गोशाला अध्यक्ष हरिशंकर जोशी, जुझारसिंह सोलंकी, धर्मचंद जैन, भंवरलाल शर्मा, विमल जैन, रमेशचंद्र तिवारी, मांगीलाल कलाकार, विरेन्द्रसिंह सोलंकी, नागेश खारोल, निजाम काजी, दीपक झंडी, मनोज चांवला आदि है ।

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