खबर पक्की, 22 सितंबर, रतलाम। जिले में इस वर्ष अल्पवर्षा की स्थिति को देखते हुए उपलब्ध वर्षाजल के अधिकतम संरक्षण और संचयन के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने संबंधित विभागों को जिले की सभी जल संरचनाओं का तत्काल निरीक्षण कर उपयुक्त संरचनाओं के गेट एवं शटर बंद करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगामी महीनों में पेयजल, पशुओं के लिए पानी, सिंचाई और भू-जल स्तर के संरक्षण के लिए पानी उपलब्ध रह सके।
कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों और एजेंसियों द्वारा निर्मित एवं संधारित चेक डैम, स्टॉप डैम, एनीकट तथा गेटयुक्त अन्य जल संरचनाओं का स्थल निरीक्षण कराने को कहा है। तकनीकी और सुरक्षा की दृष्टि से जिन संरचनाओं में जल संचयन उपयुक्त है, उनमें तत्काल गेट एवं शटर बंद कर वर्षाजल को अधिकतम सुरक्षित रूप से रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
जलभराव और क्षति की आशंका की जांच जरूरी
गेट बंद करने से पहले संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि जल संरचना सुरक्षित स्थिति में है और पानी रोकने से किसी ग्राम, आबादी, सड़क, पुल-पुलिया, कृषि भूमि या अन्य परिसंपत्ति को जलभराव अथवा नुकसान की आशंका नहीं है। आवश्यकता होने पर जल संसाधन विभाग अथवा संबंधित तकनीकी अधिकारियों से संरचना का परीक्षण भी कराया जाएगा।
क्षतिग्रस्त गेटों की होगी तत्काल मरम्मत
जिन जल संरचनाओं के गेट या शटर क्षतिग्रस्त हैं, अनुपलब्ध हैं अथवा काम नहीं कर रहे हैं, उनकी तत्काल मरम्मत अथवा आवश्यक व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसी संरचनाओं की अलग सूची तैयार कर संबंधित विभाग के जिला प्रमुख समय-सीमा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
सात दिवस में पूरी करनी होगी कार्रवाई
सभी संबंधित अधिकारी अपने विभाग के अंतर्गत आने वाली जल संरचनाओं की कुल संख्या, निरीक्षण की गई संरचनाओं, बंद किए गए गेटों, मरम्मत योग्य संरचनाओं और वर्तमान जलभराव की स्थिति का संकलन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। गेट बंद करने की कार्रवाई प्राथमिकता से सात दिवस में पूरी की जाएगी। प्रत्येक जल संरचना के गेट बंद करने से पहले और बाद के भू-स्थानांकित (जियो-टैग) फोटो भी सुरक्षित रखने होंगे।
कलेक्टर कटेसरिया ने कहा कि वर्तमान वर्ष की वर्षा स्थिति को देखते हुए जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए वर्षाजल के अनावश्यक बहाव को यथासंभव रोकें और उपलब्ध पानी का अधिकतम सुरक्षित संचयन सुनिश्चित करें।
जल संरचनाओं के गेट बंद कर अधिकतम वर्षाजल संचयन सुनिश्चित करें : कलेक्टर कटेसरिया, सात दिवस में पूरी करनी होगी कार्रवाई, क्षतिग्रस्त गेटों की तत्काल मरम्मत के निर्देश
