खबर पक्की, 23 सितंबर, रतलाम। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा 17 एवं 18 सितंबर को आयोजित सहायक कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व विधायक एवं व्यापम व्हिसलब्लोअर पारस सकलेचा ने आरोप लगाया है कि 17 सितंबर की दूसरी पाली की परीक्षा, जिसका निर्धारित समय दोपहर 2:30 बजे था, रतलाम के सृजन कॉलेज केंद्र पर लगभग तीन घंटे की देरी से शाम करीब 5:30 बजे शुरू हुई। उनका दावा है कि इसी अवधि में कुछ परीक्षार्थियों के केंद्र से बाहर जाने और बाद में परीक्षा शुरू होने के समय वापस आने की स्थिति बनी।
सकलेचा ने कहा कि एक ही परीक्षा के अलग-अलग केंद्रों पर प्रारंभ होने के समय में इतना बड़ा अंतर परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। कर्मचारी चयन मंडल को स्पष्ट करना चाहिए कि रतलाम में परीक्षा निर्धारित समय पर क्यों शुरू नहीं हुई, देरी का कारण क्या था और इस दौरान परीक्षार्थियों की आवाजाही पर क्या निगरानी रखी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा में हुई इस असामान्य देरी को मंडल द्वारा सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया जा रहा है। यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ है तो परीक्षा केंद्रवार वास्तविक प्रारंभ समय, लॉग-इन लॉग, सर्वर लॉग, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
सकलेचा ने परीक्षा संचालन के लिए चयनित कंपनी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दिसंबर 2024 से ऑनलाइन परीक्षाओं का काम एप्टेक कंपनी को लगभग ₹260 प्रति परीक्षार्थी की दर से दिया गया, जबकि पूर्व में यह कार्य करीब ₹170 प्रति परीक्षार्थी की दर से कराया जाता था। उन्होंने दावा किया कि कंपनी को जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों में ब्लैकलिस्ट किया गया है ।
उन्होंने कहा कि रतलाम लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में विवादों का केंद्र बनता जा रहा है। एक्साइज कांस्टेबल और रेलवे भर्ती परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद सहायक कृषि विस्तार अधिकारी परीक्षा में सामने आई समय संबंधी विसंगति ने व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सकलेचा ने बताया कि कृषि विभाग के लिए आयोजित इस भर्ती परीक्षा में 2,784 पद हैं। परीक्षा में 200 वस्तुनिष्ठ प्रश्न थे और प्रत्येक पाली के लिए तीन घंटे का समय निर्धारित था। लगभग 35 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जबकि करीब 23 हजार अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की जानकारी है। परीक्षा 17 सितंबर को दो पालियों तथा 18 सितंबर को एक पाली में आयोजित की गई।
उन्होंने कहा कि यदि अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित समय से काफी अंतर से परीक्षा शुरू हुई है, तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं माना जा सकता; इससे परीक्षा की निष्पक्षता और प्रश्नपत्र की गोपनीयता को लेकर भी सवाल उठते हैं। पूरे मामले की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
सकलेचा ने याद दिलाया कि कृषि विभाग से संबंधित भर्ती परीक्षाओं में पूर्व में भी गंभीर शिकायतें सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2021 में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, समूह-2 उपसमूह-4 भर्ती परीक्षा तथा समूह-5 भर्ती परीक्षा को लेकर शिकायतों के बाद परीक्षाएं निरस्त कर साइबर पुलिस को जांच के लिए प्रकरण सौंपे गए थे। इन मामलों की जांच की स्थिति और रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई, यह भी सरकार और कर्मचारी चयन मंडल को स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि सहायक कृषि विस्तार अधिकारी परीक्षा के संबंध में सभी परीक्षा केंद्रों का वास्तविक प्रारंभ एवं समाप्ति समय सार्वजनिक किया जाए । संबंधित केंद्रों के CCTV फुटेज, सर्वर लॉग, बायोमेट्रिक एवं लॉग-इन रिकॉर्ड सुरक्षित कर जांच में शामिल किए जाएं। तथा रतलाम के सृजन कॉलेज केंद्र पर परीक्षा में हुई देरी की स्वतंत्र जांच कराई जाए। एवं देरी के दौरान केंद्र से बाहर गए तथा बाद में परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड जांचा जाए।
सकलेचा ने कहा कि हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा में एक मिनट की भी अनियमितता गंभीर है। तीन घंटे की देरी जैसे मामले को सामान्य तकनीकी समस्या बताकर दबाया नहीं जा सकता। कर्मचारी चयन मंडल को पूरी पारदर्शिता के साथ तथ्य सामने रखना होंगे ।

