रतलाम। रेलवे कर्मचारी चीफ कंट्रोलर की मंगलवार रात आकस्मिक मौत के बाद बुधवार को सुबह रेलवे डॉक्टर की लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में रेलवे कर्मचारी यूनियन ने हंगामा किया। खबर सुनते ही डीआरएम आर एन सुनकर एडीआरएम के के सिन्हा व जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची।डीआरएम ने कर्मचारियों से बात कर जांच का आदेश दिया तब कहीं जाकर कर्मचारियों गुस्सा शांत हुआ जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम फॉरेंसिक एक्सपर्ट से कराया गया।
मिली जानकारी के अनुसार मनीष गोठवाल चीफ कंट्रोलर (लोको पायलेट)एवं सहायक महामंत्री वेस्टर्न रेलवे यूनियन को मंगलवार की देर शाम तबीयत खराब होने पर रेलवे हॉस्पिटल ले जाया गया जहां पर गोठवाल को प्रारंभिक जांच कर घर भेज दिया।लेकिन कुछ देर बाद पुनः मनीष गोठवाल की तबीयत खराब हो गई और उन्हें रेल्वे अस्पताल ले गए लेकिन वहां पर जवाबदार डॉक्टर उपस्थित नहीं होने के कारण ड्यूटी पर तैनात अन्य डॉक्टर ने इलाज किया।गोठवाल के साथियों ने डॉ अविनाश कुमार को कई बार फोन लगाया लेकिन वह नहीं आए देर रात मनीष गोठवाल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गोठवाल के निधन की खबर सुनते ही कर्मचारियों में आक्रोश आ गया बुधवार सुबह रेलवे हॉस्पिटल परिसर में कर्मचारियों ने एकत्रित होकर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की तथा दोषी डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की इधर घटना की सूचना मिलते ही डी आर एम आरएन सुनकर मौके पर पहुंच गए और मामले की जांच के आदेश दिए।मनीष गोठवाल का शव वहां से जिला अस्पताल लाया गया जहां पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया। जीआरपी पुलिस भी इस दौरान जिला अस्पताल पहुंच गई थी। उल्लेखनीय है कि रेलवे अस्पताल में इलाज को लेकर लापरवाही के बारे में पूर्व में भी खबर पक्की द्वारा खबर लगाई गई थी लेकिन व्यवस्था में सुधार होना तो दूर व्यवस्था दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है।
गोठवाल की आकस्मिक मौत क्यों मचा अस्पताल में हंगामा खबर पक्की:
