रतलाम। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल रतलाम शहर के शहर सराय शहीद चौक पर रात को 12 बजे लाउडस्पीकर पर सभा को संबोधित कर यह बता दिया की इस देश में सत्ता ही सुप्रीम है ,सुप्रीम कोर्ट नहीं, देश की सर्वोच्च अदालत का आदेश है कि रात को 10 बजे बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। लेकिन लगता है सुप्रीम कोर्ट आदेश में यह लिखना भूल गई की यह आदेश देश के आम नागरिकों के लीये है सत्ता के शिखर पर विराजमान राजनेताओं के लिये नहीं। अगर वास्तव में सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश देश के हर आम और खास के लिये बराबर रूप से लागू होता तो कानून व्यवस्था का पालन कराने वाली पुलिस के तमाम जिम्मेदार अफसर और पुलिस कर्मी वहा मौजूद थे जिला प्रशासन के समस्त आला अधिकारी जिसमें कलेक्टर भी शामिल हैं की मौजूदगी में रात 12 बजे हुई सभा रात 1 बज तक चलती रही सभास्थल से दो ढाई सौ मीटर दूर ही जिला अस्पताल है लेकिन किसी नेता किसी अफसर किसी जिम्मेदार नागरिक ने मुख्यमंत्री को अपनी जिम्मेदारी से अवगत नही कराया की साहब सुप्रीम कोर्ट का आदेश है रात के 12 बज चुके हैं सभा मत कीजिये क्योंकि यह देश यह प्रदेश आपका है यहा की सुप्रीम कोर्ट भी आपकी है भले ही आप इस प्रदेश के मुख्यमंत्री है लेकिन सुप्रीम कोर्ट का आदेश आप पर भी लागू होता है लेकिन लगता है सत्ता के शिखर पुरुषों के आगे सारे अधिकारी कर्मचारी और जनता के जिम्मेदार शीर्षासन करते नजर आते हैं और इनके तालु फेवीक्विक से चिपक जाते हैं तब मजबूरी में यही कहना पड़ेगा कि इस देश में सत्ता ही सुप्रीम है बाकी सब इस के नीचे है।
– इस संबंध में जब एसपी गौरव तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आप इस बारे में कलेक्टर से बात कीजिए।
– अनुविभागीय अधिकारी अनिल भाना से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना आप कलेक्टर से बात कीजिए।
– इस संबंध में कलेक्टर रुचिका चौहान से बात करने के लिए दो बार फोन लगाया गया लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।
सुप्रीम कौन शिवराज या सुप्रीम कोर्ट?
