खबर पक्की, 28 जुलाई, रतलाम। गो माता को राष्ट्रीय सम्मान देने की मांग को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में समाजजनों ने शहर में रैली निकालकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। रैली में संत सिर पर भागवत गीता के साथ गो माता को लेकर पहुंचे। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम गो माता को राष्ट्रीय सम्मान का प्रार्थना पत्र सौंपा।
रतलाम में 20 से 26 जुलाई तक गो-सेवा को समर्पित संगीतमय गो कथा का आयोजन रविदास चौक स्थित अमर वाटिका में किया जा रहा था। कथा का श्रवण गो क्रान्तिकारी संत स्वामी गोशरणानंद सरस्वती महाराज के मुखारविंद से हो रहा था। रविवार को समापन हुआ।
इसके बाद कथा स्थल से गो कथा आयोजन समिति द्वारा स्वामी गोशरणानंद सरस्वती महाराज व सभी साधु-संतों के सानिध्य में बड़ी संख्या में संत, महात्माओं व गो भक्तों के साथ रैली निकाली। राष्ट्रीय सम्मान देने की मांग को लेकर रैली शहर के अनेक मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। एसडीएम तरुण जैन को ज्ञापन सौंपा। पहली बार ज्ञापन देने संत-महात्मा अपने सिर पर भागवत गीता लेकर पहुंचे।
सवा तीन लाख हस्ताक्षर का प्रार्थना पत्र सौंपा
संत स्वामी गोशरणानंद सरस्वती ने बताया कि आज पूरे देश में एक साथ गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने व गो हत्या बंद करने का सवा तीन लाख लोगों के हस्ताक्षर का प्रार्थना प्रार्थना पत्र सौंपा है। जिस तरह धारा 370 हटी है, नोट बंदी हुई है, उसी तरह सरकार से मांग है कि गो माता का भी राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाए।
गो माता को राष्ट्रीय सम्मान नहीं मिला तो 28 अक्टूबर को पूरे देश में अपने-अपने राजधानियों में जाकर मांग की जाएगी।
यह रखी मांगें
- देशभर में गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए ‘केन्द्रीय गो सेवा एवं संरक्षण अधिनियमÓ लागू किया जाए। स्वतंत्र गो-पालन मंत्रालय का गठन किया जाए।
- गोवंश को ‘राष्ट्रमाताÓ या ‘राष्ट्र आराध्याÓ का संवैधानिक दर्जा दिया जाए।
- गो तस्करी और गोवध को गैर-जमानती अपराध घोषित कर आजीवन कारावास और संपत्ति कुर्क (राजसात) करने का प्रावधान किया जाए।
- दुर्घटनाग्रस्त गोवंश के उपचार के लिए हर 50 किमी पर ‘गो-वाहिनी एम्बुलेंसÓ और 150-200 किमी पर आधुनिक ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएं।
- गोचर भूमियों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। चारे के औद्योगिक उपयोग पर रोक लगाई जाए।
