खबर पक्की, 28 जून, रतलाम। शहर से लगे मथुरी गांव के पास रविवार सुबह मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। रिंग रोड किनारे एक पानी के पाइप में बोरे और प्लास्टिक की थैली के भीतर एक नवजात बालक जीवित अवस्था में मिला। बच्चे की रोने की आवाज सुनकर एक ग्रामीण ने उसे बाहर निकाला और उसकी जान बचाई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को उपचार के लिए मदर चाइल्ड केयर यूनिट (एमसीएच) में भर्ती कराया।
जानकारी के अनुसार मथुरी गांव निवासी किसान अंबाराम पाटीदार रविवार सुबह घोड़ाखेड़ा रोड से अपने खेत जा रहे थे। रिंग रोड चौराहे के पास पुलिया से गुजरते समय उन्हें पानी के पाइप से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो पाइप के भीतर रखा एक बोरा दिखाई दिया। बोरा खोलने पर उसके अंदर प्लास्टिक की थैली में एक नवजात बालक जीवित मिला।
ग्रामीणों के अनुसार, नवजात की आंत और नाल तक नहीं कटी थी। उसकी हालत देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसका जन्म रविवार सुबह ही हुआ था और जन्म के कुछ समय बाद ही उसे वहां छोड़ दिया गया।
अंबाराम पाटीदार ने तत्काल गांव के अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसके बाद डायल-112 पर सूचना दी। डीडी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को अपने संरक्षण में लेकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि नवजात को सुरक्षित अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही क्षेत्र के अस्पतालों और प्रसूति केंद्रों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि बच्चे को यहां छोडऩे वाले व्यक्ति या लोगों का पता लगाया जा सके।
रोड किनारे पाइप में मिला जिंदा नवजात, बोरे में बंद था बालक, रोने की आवाज सुन ग्रामीण ने बचाई जान, पुलिस ने चाइल्ड केयर यूनिट में भर्ती कराया
