शाजापुर. देवउठनी ग्यारस के बाद से ही शादी-ब्याह की गूंज सुनाई देती है। शादियों के चलते व्यापार व्यवसाय में भी बढ़ोत्तरी हो जाती है, शादियों को लेकर बाजारों में जमकर खरीदारी होती है। लेकिन केंद्र सरकार के 500 और 1000 के नोट पर पाबंदी लगाने के बाद एक ओर जहां आमजन राशि बदलने को लेकर परेशान हैं, वहीं दुकानदार अपने व्यापार का रोना रो रहे हैं। व्यापारियों के मुताबिक इस बार शादी के सीजन में जमकर खरीदारी होने वाली थी, ये सीजन करीब पांच माह का रहता है। लेकिन नोटबंदी के चलते व्यापार 20 प्रतिशत पर आ गया है। ऐसे में सीजन की व्यापारियों द्वारा की गई तैयारियां धरी की धरी रह गई।
जहां चल रहे पुराने नोट, वहीं कुछ ग्राहक
देवउठनी ग्यारस के बाद लग्नसरा पर सबसे अधिक भीड़ कपड़ा बाजार में दिखाई देती है। लेकिन यह पहला अवसर होगा जब सीजन में भी कपड़ा व्यापारी मक्खी मारते नजर आ रहे हैं।सरकार के अचानक 500-1000 के नोट बंद होने से बाजार में कपड़ों की खरीदारी पर भारी असर दिख रहा है।
नोट लेने में आनाकानी
दुकानदार ग्राहकों से 500-1000 के नोट लेने में आनाकानी कर रहे हैं। जिसके चलते ग्राहकी नहीं हो पा रही है।सौ, पचास के नोट से ही कुछेक ग्राहकी हो रही है।वहीं जो व्यापारी पांच सौ, हजार रुपए का नोट ले रहा है, वहां कुछ ग्राहकों भी भीड़ भी नजर आ रही है। रेडिमेट व्यवसायी राजेश अग्रवाल ने बताया कि सीजन के दौरान बड़े नोटों की मान्यता बंद करने से ग्राहकी पर भारी पड़ा है।बीते छह दिन भी भारी ग्राहकी वाले थे, लेकिन नोटों के चलते ग्राहकी नहीं हो पाई, यह स्थित अनेक दुकानों की है। बाजार में बेहतर ग्राहक भी नहीं पहुंच रहे हैं। नोटों के चलते बड़े व्यापारी भी माल नहीं दे रहे हैं।
