शाजापुर। पुलिस लाइन में पदस्थ एसआई ने बुधवार को पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में पंखे से लाइलोन की रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। एसआई करीब तीन महीने से लाइन में पदस्थ थे। इसके पहले कोतवाली में पदस्थ थे। उनके कार्यक्षेत्र में सट्टा संचालित होते पाए जाने पर एसपी अनिल शर्मा ने उन्हें निलंबित कर दिया था। कुछ दिन बाद बहाल कर दिया था, तभी से वे लाइन में पदस्थ थे। मामले की पुलिस बारिकी से जांच कर रही है। हालांकि अभी उनके द्वारा उठाए इस कदम को लेकर कोई कारण सामने नहीं आया है।
मृतक एसआई चुन्नीलाल पिता हरिबगस जाटव मूल निवासी ग्राम गुजरी जिला राजगढ़ है। जानकारी के अनुसार एसआई जाटव 15 नवंबर को पेशी पर राजस्थान के झालावाड़ गए थे। वहां से शाम को लौटकर आए और पुलिस लाइन में आमद दी। इसके बाद राजगढ़ जिले स्थित गांव गुजरी जाने की बात भी सामने आ रही है। 16 नवंबर को वे हाजिरी (ऑन ड्यूटी) पर थे। दोपहर करीब 2 बजे निर्देश मिलने पर एएसपी ऑफिस जाकर वहां से डाक लेकर आए। डाक भोपाल लेकर जाना थी। इसे लेकर वरिष्ठ अफसर ने वायरलेस सेट पर निर्देश भी दिए थे किंतु इसी बीच एसआई जाटव ने अपने बेटे संजू को फोन कर कुछ परेशानी बताई। जिस पर बेटे ने शाजापुर में रहने वाले अपने मामा राधेश्याम को मामले की जानकारी देते हुए कहा कि पिताजी कुछ परेशान लग रहे थे। वह क्वार्टर पर जाकर उनसे मिल लें। कुछ देर में मामा राधेश्याम पुलिस लाइन स्थित क्वार्टर पहुंचा। यहां आवाज देने पर कोई बाहर नहीं आया तो उसने दरवाजे में धक्का दिया तो खुल गया। दरवाजा अटका हुआ था। अंदर से कुंदी नही लगी थी। राधेश्याम जैसे ही अंदर गया तो अंदर के कमरे (हॉल) में जाटव पंखे के कुंदे से बंधी लाइलोन की रस्सी से लटके हुए थे। यह देख वह घबरा गया और अधिकारियों को सूचना दी।
दौड़कर क्वार्टर गार्ड पहुंचा
एसआई जाटव को फांसी के फंदे पर लटका देख राधेश्याम घबरा गया और दौड़ लगाकर क्वाटर गार्ड (आरआई ऑफिस) पहुंचा। यहां मौजूद अधिकारियों को उसने घटना बताई तो अधिकारी दंग रह गए। वरिष्ठ अफसरों को मामले की जानकारी देने के साथ सभी ने एसआई के क्वार्टर की ओर दौड़ लगा दी। कुछ देर में एसडीओपी देवेंद्रकुमार यादव, टीआई राजेंद्र वर्मा, यातायात थाना प्रभारी पीके व्यास सहित अन्य अफसर मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। टीआई वर्मा ने बताया मामले की बारिकी से जांच की जा रही है। टीआई ने किसी भी तरह के सुसाइड नोट या मोबाइल आदि में आत्महत्या से संबंधित जानकारी मिलने से इंकार किया है।
बदहवास हो गया बेटा
पिता द्वारा फोन पर दी जानकारी से चिंतित बड़ा बेटा संजू ताबड़तोड़ गांव गुजरी से शाजापुर पहुंचा। यहां पिता को फंदे पर लटका देख वह बदहवास हो गया। वह जोर-जोर से चिल्लाने के साथ सामान फेंकने लग गया। यहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बमुश्किल उसे संभाला। जाटव के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा संजू और छोटा बेटा बंटी है। बंटी मलेशिया में रहकर पढ़ाई कर रहा है। उनकी बेटी की शादी हो चुकी है।
3 साल की बची थी नौकरी
एसआई जाटव की उम्र 57 साल थी। 60 साल की उम्र में वर्ष 2019 में उन्हें सेवानिवृत्त होना था। शाजापुर में नौकरी करते हुए दो साल से अधिक समय हो चुका है। इसके पहले जाटव भोपाल के कई थानों में पदस्थ रह चुके हैं। मलेशिया में रहने वाले छोटे बेटे के स्वास्थ्य और बड़े बेटे के दुर्घटना में घायल होने से पिछले कुछ समय से जाटव परेशान रहे। हालांकि अब दोनों बेटे स्वस्थ्य है। बड़ा बेटा संजू गांव पर रहता है और छोटा बेटा मलेशिया में पढ़ाई कर रहा है।
रिवॉल्वर को लेकर चर्चा
सर्विस रिवॉल्वर गायब होने की आशंका को लेकर एसआई द्वारा यह कदम उठाए जाने की भी चर्चा है। हालांकि अगर ऐसा होता भी तो इतनी जल्दी हताश होकर इतना बड़ा कदम उठाने जैसी परिस्थिति लग नहीं रही। हालांकि, पुलिस ने उनके पलंग के गद्दे के नीचे से रिवॉल्वर बरामद की है।
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जांच की जा रही
एसआई द्वारा उठाया गया कदम दुखद है। मामले की बारिकी से जांच की जा रही है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। -देवेंद्रकुमार यादव, एसडीओपी
