आलोट। आलोट के सरकारी विश्राम गृह के बाहर आलोट ताल मार्ग पर कूछ दिन पहले बना सीमेंट कांक्रीट रोड पर लाखो का खर्चों हूवा लेकिन समस्या जस की तस है। आलोट के सारे सरकारी अधिकारी इस मार्ग से दिन में दो बार गुजरते जरूर है लेकिन मजाल जो हो रहे विकास पर नजर डाल ले। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा हजारो करोड़ के विकास कराने की बात करते है। लेकिन करने वाला क्या कर रहा है कोई देखने वाला नही है। केवल सभी अपनी हाजरी भरने में लगे है। विश्राम गृह के मुख्य गेट से बाहर दस मिनट की बारिश होते ही रोड तालाब में तब्दील हो जाता है। जिससें आस पास के दूकान संचालको को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वही बारिश में पानी व बारिश के बाद धूल के गुब्बारे रोजमर्रा के जीवन में 50-100 ग्राम धूल खाने को मजबूर करती है फिर भी कोई सुनने वाला नहीं है।
