खबर पक्की, 9 अप्रैल, रतलाम। प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं उपार्जन (खरीदी) की तारीख बार-बार बढ़ाए जाने के विरोध में गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने कृषि उपज मंडी में धरना दिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान भी शामिल हुए। इस दौरान जय जवान-जय किसान के नारों के साथ भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
धरने को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, प्रदेश में सरकार नहीं, बल्कि सर्कस चल रहा है। भाजपा किसानों के साथ मजाक कर रही है। जब तक यह सरकार नहीं हटेगी, किसानों का भला संभव नहीं है। हमें इस सरकार की खामियों को घर-घर तक पहुंचाना होगा।
गहलोत ने आरोप लगाया कि सूट-बूट और हम दो-हमारे दो वाली यह सरकार किसानों को मजबूर कर रही है कि वे अपना गेहूं 1800 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के कम दाम पर बड़े घरानों को बेच दें। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि राजस्थान में 16 मार्च से ही गेहूं की खरीदी शुरू हो चुकी है, तो फिर मप्र में देरी क्यों?
वक्ताओं ने कहा- किसानों के साथ हो रहा छलावा
उज्जैन से आए कमल पटेल ने कहा कि इस गूंगी-बहरी सरकार ने हमेशा किसानों को छला है, अब इसे बदलने का समय आ गया है। धरने को किसान कांग्रेस के राजेश भरावा, जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़, राजेश पुरोहित, लक्ष्मणसिंह डिंडोर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट और शहर अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
इस अवसर पर पारस सकलेचा, राजीव रावत, लक्की शुक्ला और नरेंद्रसिंह चंद्रावत सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
सुबह 11 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक चले इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेसियों ने एसडीएम आर्ची हरित को ज्ञापन सौंपा। गेहूं का उपार्जन तुरंत प्रारंभ किया जाए, 20 मार्च से अब तक की देरी के लिए फसल की कुल राशि पर 12त्न की दर से ब्याज दिया जाए, किसानों को डिफाल्टर की सूची से बाहर किया जाए, पराली के जीआई सर्वे के नाम पर किसानों को परेशान करना बंद हो। कांग्रेसी नेताओं ने दो टूक कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो अन्नदाता सरकार की नींव हिला देंगे और ईंट से ईंट बजा देंगे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- प्रदेश में सरकार नहीं सर्कस चल रहा, रतलाम में कहा- भाजपा किसानों को कर रही परेशान; अन्नदाता छले जा रहे
