खबर पक्की, 24 मार्च, रतलाम। मंगलवार दिनांक 24 मार्च 2026 को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जन सुनवाई में एक विस्तृत एवं गंभीर शिकायत प्रस्तुत की गई। शिकायतकर्ता अंकुर माहेश्वरी पिता स्व. श्री श्यामसुंदर जी माहेश्वरी, निवासी – सज्जनमिल, रतलाम द्वारा आवेदन के साथ दस्तावेज संलग्न कर निजी अस्पताल एवं डायग्नोस्टिक लैब पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत में बताया गया है कि साईं श्री हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, 80 फीट शुभम परिसर, सज्जनमिल के पीछे, रतलाम स्थित है, जिसके संचालक डॉ. अमित सिंह कुशवाह हैं। यह बच्चों का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर NH/8299/DEC 2018 बताया गया है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल में बच्चों को दिखाने पर चिकित्सकों द्वारा ब्लड टेस्ट एवं अन्य जांच के लिए मरीजों को अस्पताल से संबंधित डायग्नोस्टिक स्पेशलिटी पैथोलॉजी लैब (बी-11, अलकापुरी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पंजाब नेशनल बैंक के पास, रतलाम) पर भेजा जाता है। विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्वयं ही सैंपल लेकर उसे उक्त लैब में जांच हेतु भेजा जाता है, और उसी रिपोर्ट के आधार पर उपचार किया जाता है, जिससे बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ होने की आशंका व्यक्त की गई है।
शिकायत में एक प्रकरण का विस्तृत उल्लेख करते हुए बताया गया कि शिकायतकर्ता की पुत्री पीहू माहेश्वरी (उम्र 1 वर्ष 4 माह) को सर्दी, जुखाम व बुखार होने पर दिनांक 20 मार्च 2026 को साईं श्री हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां उपस्थित चिकित्सक डॉ. अंकित राठौर द्वारा जांच कर ब्लड टेस्ट कराने हेतु कहा गया तथा अस्पताल में ही सैंपल लेकर उसे स्वयं लैब में भेजा गया। करीब दोपहर 2:30 बजे प्राप्त रिपोर्ट में बच्ची का हीमोग्लोबिन 4.2 बताया गया, जिसे अत्यंत गंभीर स्थिति बताते हुए तत्काल भर्ती करने की सलाह दी गई।
शिकायतकर्ता को संदेह होने पर उसी दिन बच्ची को अन्य चिकित्सक डॉ. अभय चोपड़ा को दिखाया गया, जिनके द्वारा पुनः ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दी गई। इसके पश्चात सत्यम पैथोलॉजी लैब, रतलाम में जांच कराई गई, जहां प्राप्त रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन 11.5 पाया गया, जो सामान्य स्तर है। इस अंतर को लेकर शिकायतकर्ता ने प्रथम रिपोर्ट की सत्यता पर गंभीर संदेह व्यक्त किया है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उक्त अस्पताल एवं लैब द्वारा साठगांठ कर गलत रिपोर्ट तैयार कर बच्चों को अनावश्यक रूप से भर्ती किया जा रहा है, जिससे उनके जीवन के साथ खिलवाड़ एवं आर्थिक शोषण किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने इसे आपराधिक कृत्य बताते हुए अस्पताल संचालक डॉ. अमित सिंह कुशवाह, लैब संचालक डॉ. स्मृति पांडे, चिकित्सक डॉ. अंकित राठौर सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
साथ ही शिकायतकर्ता द्वारा उक्त अस्पताल एवं लैब के लाइसेंस निरस्त करने तथा मामले की सूक्ष्म जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने का भी निवेदन किया गया है। देखना दिलचस्प होगा कि इतनी गंभीर शिकायत पर कलेक्टर आगे क्या कार्रवाई करती है।
