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कलेक्टर जनसुनवाई में 104 आवेदन, कई मामलों का मौके पर निराकरण

BySurendra Jain

Mar 24, 2026

खबर पक्की, 24 मार्च, रतलाम। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह एवं एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने सभाकक्ष में उपस्थित आवेदकों से आवेदन प्राप्त कर उनकी समस्याओं पर सुनवाई की। इस दौरान कुल 104 आवेदन प्राप्त हुए।
जनसुनवाई में निराकरण योग्य मामलों का मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों के माध्यम से समाधान किया गया, जबकि शेष आवेदनों के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित विभाग प्रमुखों को समय-सीमा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अनुकंपा नियुक्ति, बीपीएल सूची और आर्थिक सहायता के आवेदन
आवेदिका कविता परिहार (ग्राम बोदिना) ने पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए लंबित आवेदन के निराकरण की मांग की, जिस पर संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया।
लक्ष्मी (पति गजराज, राजेश्वर नगर) ने गरीबी रेखा सूची में नाम जोडऩे के लिए आवेदन दिया, जिसे तहसीलदार रतलाम को भेजा गया।
रामेश्वर धाकड़ (मोयाखेड़ा, तहसील जावरा) ने सर्पदंश से पत्नी की मृत्यु पर आर्थिक सहायता के लिए आवेदन दिया, जिस पर तहसीलदार जावरा को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
गजेन्द्र सिंह (नरसीगपुरा, जावरा) ने मानसिक रूप से कमजोर पुत्र के इलाज और शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता की मांग की, जिस पर सामाजिक न्याय विभाग को निर्देशित किया गया।
भूमि सीमांकन व बीमा राशि के मामले भी पहुंचे
मोहनलाल (राजगढ़ नयागांव) ने भूमि सीमांकन के लिए आवेदन दिया, जिसे तहसीलदार रतलाम को भेजा गया।
सोना (पति देवीलाल, करिया) ने गाय की मृत्यु के बाद बीमा राशि न मिलने की शिकायत की, जिस पर डिप्टी डायरेक्टर वेटनरी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
स्कूल प्रबंधन पर वेतन व दस्तावेज रोकने के आरोप
गोविंद सिंह (टीआईटी रोड, रतलाम) ने शिकायत की कि चैतन्य टेक्नो स्कूल में कार्यरत रहने के बावजूद उन्हें जनवरी और फरवरी माह का वेतन नहीं दिया गया। साथ ही उनकी पुत्री की फीस बकाया बताकर वेतन रोका गया और टीसी के लिए अतिरिक्त राशि मांगी गई।
वहीं, गोविंद सिंह सोलंकी, शुभम शर्मा, एन. मुरली कृष्णा, गरिमा शर्मा और मितिशा शर्मा सहित अन्य शिक्षकों ने भी स्कूल प्रबंधन पर वेतन रोकने, मूल दस्तावेज वापस न करने, वेतन कटौती करने और सीटीसी व पे-स्लिप में अंतर की सामूहिक शिकायत दर्ज कराई। इन सभी मामलों में जांच और कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया।
जनसुनवाई में मिला त्वरित समाधान का भरोसा
जनसुनवाई के माध्यम से आमजन को त्वरित राहत दिलाने और प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने सभी लंबित आवेदनों के शीघ्र और पारदर्शी निराकरण का आश्वासन दिया।

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